इंदौर: मध्य प्रदेश में खसरे का खतरा बढ़ गया है। इस साल 2026 में अलीराजपुर, दतिया, शिवपुरी और बुरहानपुर जिले में 12 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वे शुरू हो गया है, साथ ही टीकाकरण अभियान तेज कर दिया गया।
राज्य स्वास्थ्य संचालनालय के अनुसार, अलीराजपुर में 5, दतिया में 3, शिवपुरी में 2 और बुरहानपुर में 2 मामले सामने आए हैं। ज्यादातर मरीज 1 से 5 वर्ष के बच्चे हैं, जिन्हें एमआर (मीजल्स-रूबेला) वैक्सीन नहीं मिली थी। विभाग के महानिदेशक डॉ. भानु चतुर्वेदी ने बताया कि खसरे के लक्षण जैसे तेज बुखार, आंखों में जलन, चकत्ते और खांसी दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।
प्रदेश स्तर पर अलर्ट के तहत सभी 55 जिलों में आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम के जरिए घर-घर सर्वे चल रहा है। 9 माह से 16 वर्ष के बच्चों को दूसरा डोज जरूर लगवाने की अपील की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि खसरा अत्यधिक संक्रामक है और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तेजी से फैल सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और बाजारों में जागरूकता अभियान शुरू किया है। स्टॉक चेक करने पर वैक्सीन की कोई कमी नहीं पाई गई। विभाग ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामलों की दैनिक रिपोर्ट भेजें।जनता से अपील है कि मास्क पहनें, हाथ धोएं और बुखार आने पर डॉक्टर से संपर्क करें।