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Delhi-NCR में दिल से जुड़ी बीमारियों की जांच में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि, अध्ययन

By संदीप दाहिमा | Updated: October 10, 2025 16:28 IST

Heart Health: एक हालिया अध्ययन से पता चला है कि इस साल दिल्ली-एनसीआर में सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी और ट्रेडमिल टेस्ट (टीएमटी) जैसी हृदय संबंधी उन्नत जांच का विकल्प चुनने वाले लोगों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है।

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ठळक मुद्देDelhi-NCR में दिल से जुड़ी बीमारियों की जांच में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि, अध्ययन

Heart Health: एक हालिया अध्ययन से पता चला है कि इस साल दिल्ली-एनसीआर में सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी और ट्रेडमिल टेस्ट (टीएमटी) जैसी हृदय संबंधी उन्नत जांच का विकल्प चुनने वाले लोगों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इससे पता चलता है कि लोग हृदय रोग का शीघ्र पता लगाने को लेकर काफी जागरुक हुए हैं। इस अध्ययन में जनवरी और अगस्त 2025 के बीच नैदानिक ​​प्रवृत्तियों का विश्लेषण किया गया, जिसमें यह पाया गया कि टीएमटी परीक्षणों की संख्या में 34.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी की संख्या में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 30.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इकोकार्डियोग्राफी जांच की संख्या में भी लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। विशेषज्ञ इस बदलाव का श्रेय युवा और मध्यम आयु वर्ग की आबादी में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरुकता और चिकित्सा समुदाय द्वारा शीघ्र इसके निवारण पर बढ़ते ध्यान को देते हैं। यह विश्लेषण 'महाजन इमेजिंग एंड लैब्स' द्वारा किया गया, जिसमें बताया गया कि सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी को एक सुरक्षित और कम विकिरण वाली प्रक्रिया के रूप में तेजी से पसंद किया जा रहा है।

महाजन इमेजिंग एंड लैब्स के मुख्य परिचालन अधिकारी कबीर महाजन ने कहा, ‘‘ हम स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता में निरंतर वृद्धि देख रहे हैं, विशेष रूप से 25 से 45 आयु वर्ग में। टीएमटी और सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी जैसे निवारक परीक्षण सबसे तेजी से अपनाए जा रहे हैं, जिससे पता चलता है कि लोग अब बीमारी का इलाज करने से पहले लक्षणों का इंतजार नहीं कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मानसिकता में आए मूलभूत परिवर्तन को दर्शाता है, जहां प्रतिक्रियात्मक उपचार की अपेक्षा शीघ्र पहचान को प्राथमिकता दी जा रही है।’’ लैब (प्रयोगशाला) के संस्थापक एवं अध्यक्ष हर्ष महाजन के अनुसार, बेहतर स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती जागरुकता और युवाओं में अचानक हृदय संबंधी मौतों के प्रति चिंता के कारण बड़ी संख्या में लोग नियमित रूप से हृदय जांच करवाना चाह रहे हैं।

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