लाइव न्यूज़ :

दिमाग में कैल्शियम की मात्रा बढ़ने से आपको हो सकता है ये गंभीर रोग

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: February 21, 2018 15:12 IST

हड्डियों व दांतों को स्वस्थ व मजबूत रखने के लिये कैल्शियम की जरूरत होती है। लेकिन मस्तिष्क में कैल्शियम की मात्रा आवश्यकता से ज्यादा बढ़ जाए तो क्या होगा?

Open in App

कैल्शियम शरीर के लिये एक बहुत जरूरी पोषक तत्व है। हड्डियों व दांतों को स्वस्थ व मजबूत रखने के लिये कैल्शियम की जरूरत होती है। साथ ही कैल्शियम हमारे स्वास्थ को भी बेहतर बनाता है। अगर शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाए तो कई समस्याएं हो जाती हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि अगर आपके मस्तिष्क में कैल्शियम की मात्रा आवश्यकता से ज्यादा बढ़ जाए तो क्या होगा?

मस्तिष्क में कैल्शियम की मात्रा बढ़ने से पार्किन्सन रोग का खतरा

हाल ही में हुए रिसर्च में यह बात सामने आई है कि मस्तिष्क में कैल्शियम की मात्रा बढ़ने से पार्किन्सन रोग का ख़तरा बढ़ जाता है। पार्किन्सन रोग एक न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग है जिसमें मस्तिष्क में प्राकृतिक रूप से मौजूद प्रोटीन अपने आकार में बदलाव करके और दूसरे प्रोटीन के साथ मिलकर तंतु (फिलामेंट) जैसी संरचना बना लेते हैं जिन्हें एमीलॉईड फाईब्रिल कहा जाता है। एमीलॉईड और अल्फा-सिनुक्लेइन (alpha-synuclein) के इस समूह को लेवी बॉडीज कहा जाता है जो पार्किन्सन रोग का संकेत देता है।

पार्किन्सन रोग के लक्षण

पार्किन्सन रोग आमतौर पर उम्रदराज लोगों को होता है और कोई भी काम करते समय हाथों पैरों का कांपना इस रोग का प्रमुख लक्षण है। शोध में बताया गया कि कैल्शियम, अल्फा सिनुक्लेइन और तंत्रिका शिरा में मौजूद छोटे मेम्ब्रेन संरचना के बीच होने वाले पारस्परिक क्रिया में मध्यस्थता का काम करती है। कैल्शियम या अल्फा सिनुक्लेइन की अधिक मात्रा ऐसे चेन रिएक्शन शुरू कर सकते हैं जिनकी वजह से आगे चलकर मस्तिष्क कोशिकाएं नष्ट हो सकती हैं।

क्या कहते हैं शोधकर्ता

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रमुख लेखक जेनिन लौटेनस्केलेगर ने बताया कि हमने यह पहली बार देखा है कि कैल्शियम, अल्फा सिनुक्लेइन और सिनैप्टिक वेसिकल के आपसी संवाद की प्रक्रिया को प्रभावित करती है। हमें लगता है कि अल्फा सिनुक्लेइन काफी हद तक कैल्शियम सेंसर की तरह है। कैल्शियम की उपस्थिति में यह अपनी संरचना बदलता है और यह जिस ढंग से अपने वातावरण पर प्रभाव डालता है वो इसके सामान्य रूप से काम करने के लिए ज़रूरी है।

कैल्शियम की कमी से आपको हो सकती हैं ये समस्याएं

-हड्डियां कमजोर होना कैल्‍शिम की कमी का सबसे पहला और बड़ा लक्षण हड्डियों की कमजोरी होता है।-कैल्‍शियम की कमी के कारण दांत कमजोर हो सकते हैं।-आपके नाखून कमजोर हो सकते हैं।-समय से पहले बाल झड़ना शुरू हो सकते हैं।

रोजाना आपको इतने कैल्शियम की जरूरत होती है

वयस्क तथा बुजुर्गों के लिए प्रतिदिन 1000-1300 मिग्रा., किशोरों के लिए प्रतिदिन 1300 मिग्रा., बच्चों के लिए प्रतिदिन 700-1000 मिग्रा, तथा एक वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए 250-300 मिग्रा. प्रतिदिन।

टॅग्स :हेल्थ टिप्सहेल्थी फूडलाइफस्टाइल
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यWorld Hearing Day: जम्‍मू कश्‍मीर में सुनने की क्षमता में बढ़ती कमी पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, जानें वजह

स्वास्थ्यWorld Hearing Day 2026: लंबे समय तक ईयरफोन का इस्तेमाल आपकी सुनने की शक्ति को कैसे पहुंचा सकता है नुकसान

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार

स्वास्थ्य1 अप्रैल से महंगी होंगी दवाइयां; पेनकिलर और एंटीबायोटिक के लिए देने होंगे इतने रुपये, जानें कितनी ढीली होगी जेब