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कोरोना: 15 से 18 साल के बच्चे वैक्सीन के लिए कब से करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन, बूस्टर डोज से जुड़ी क्या हैं शर्तें, जानें सभी सवालों के जवाब

By विनीत कुमार | Updated: December 28, 2021 13:12 IST

कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन को लेकर बड़े ऐलान हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किए। इसके तहत 15 से 18 साल के बच्चों को वैक्सीन 3 जनवरी से लगाई जाएगी। साथ ही बूस्टर डोज के संबंध में भी घोषणा हुई।

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ठळक मुद्देतीन जनवरी से देश में 15 से 18 साल के बच्चों को लगेगी कोरोना की वैक्सीन।15 से 18 साल के बच्चे एक जनवरी से कोविन पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।कोविन साइट पर पंजीकरण करने के लिए बच्चे अपनी स्कूल आईडी का उपयोग कर सकते हैं।

नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश में 15 से 18 साल के बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन सहित बूस्टर डोज को लेकर घोषणा कर दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार रात देश के नाम संबोधन में ये बड़े ऐलान किए। इसके तहत तीन जनवरी से 15 से 18 साल वाले बच्चे वैक्सीन ले सकते हैं। माना जा रहा है कि इस उम्र के 6 से 7 करोड़ बच्चे ऐसे होंगे जिन्हें टीका लगाया जाएगा। बहरहाल, इसके लिए और क्या शर्तें हैं, कौन सी वैक्सीन दी जाएगी, बूस्टर डोज की शर्त क्या है...ऐसे तमाम सवालों के जवाब यहां जान सकते हैं। 

15 से 18 साल के बच्चे वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कब से करा सकते हैं?

कोविन पर इस उम्र के बच्चे वैक्सीन के लिए अपना रजिस्ट्रेशन 1 जनवरी से करा सकते हैं। इसके लिए आपक ऐप या कोविन की वेबसाइट https://www.cowin.gov.in/ पर जाना होगा। कोविन पर पहले बने अकाउंट या नए मोबाइल नंबर की मदद से रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।

क्या सीधे टीकाकरण केंद्र जाकर भी वैक्सीन लिया जा सकता है?

15 से 18 साल के बच्चे 3 जनवरी से सीधे टीकाकरण केंद्र पर जाकर भी रजिस्ट्रेशन कराकर कोविड टीका ले सकते हैं।

कोविन पर रजिस्ट्रेशन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी?

कोविन साइट पर पंजीकरण करने के लिए बच्चे अपनी स्कूल आईडी का उपयोग कर सकते हैं। 60 से अधिक की उम्र के लोगों को रजिस्ट्रेशन करते समय पोर्टल पर अपनी बीमारी का उल्लेख करना होगा और टीकाकरण के समय रजिस्टर्ड डॉक्टर से सर्टीफिकेट भी देना होगा।

15 से 18 साल के बच्चों को कौन सा टीका लगाया जाएगा?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी दिशानिर्देशों के अनुसार इस उम्र के बच्चों लिये टीके का विकल्प अभी केवल कोवैक्सीन होगा। कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत बायोटेक की कोवैक्सिन के ही बच्चों के लिए इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी है। 

भारत में वैक्सीन की बूस्टर डोज किसे लगेगी?

दिशानिर्देशों के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंट लाइन वर्कर्स और हृदय रोग जैसी कुछ गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को 10 जनवरी से कोरोना के खिलाफ वैक्सीन की बू्स्टर डोज लगाई जाएगी।

बूस्टर डोज के लिए शर्त क्या हैं?

स्वास्थकर्मी, फ्रंट लाइन वर्कर्स या 60 साल से अधिक के गंभीर बीमारियों से ग्रसित ऐसे लोगों को बूस्टर डोज दिया जा सकता है जिन्हें दूसरी खुराक दिए हुए नौ महीने या 39 सप्ताह पूरे हो चुके हैं। अनुमान है कि बूस्टर डोज के लिए योग्य देश में करीब 3 करोड़ स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंट लाइन वर्कर्स होंगे। साथ ही 60 की उम्र से अधिक के ऐसे ही बुजुर्गों की संख्या भी 3 करोड़ के आसपास हो सकती है।

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