Work closely with AIFF for solution, says FIFA to I-League clubs | फीफा ने आईलीग क्लबों से कहा, मुद्दे जटिल पर समाधान के लिए एआईएफएफ के साथ काम करो
फीफा ने आईलीग क्लबों से कहा, मुद्दे जटिल पर समाधान के लिए एआईएफएफ के साथ काम करो

Highlightsफीफा ने आईलीग के नाराज क्लबों से अपील की है कि वे एआईएफएफ के साथ मिलकर काम करें।फीफा ने स्वीकार किया ‘जटिल मुद्दों’ के प्रति ‘विवेकपूर्ण दृष्टिकोण’ अपनाने की जरूरत है।

नई दिल्ली, सात अगस्त। विश्व फुटबॉल की संचालन संस्था फीफा ने आईलीग के नाराज क्लबों से अपील की है कि वे अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के साथ मिलकर काम करें। फीफा ने हालांकि स्वीकार किया कि यहां खेल के सामने मौजूदा ‘जटिल मुद्दों’ के प्रति ‘विवेकपूर्ण दृष्टिकोण’ अपनाने की जरूरत है।

आईलीग के पूर्व चैंपियन मिनर्वा पंजाब की अगुआई में आईलीग के छह क्लबों ने निजी तौर पर चलाई जाने वाली इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) को शीर्ष लीग का दर्जा दिए जाने के एआईएफएफ के कदम पर सवाल उठाए थे।

भारतीय फुटबॉल के लिए एआईएफएफ अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के सीमित समय के खाके का समर्थन करते हुए फीफा ने मिनर्वा पंजाब एफसी को लिखे पत्र में कहा, ‘‘2018 में की गई समीक्षा में कई जटिल मुद्दों की पहचान की गई थी जिनके लिए विवेकपूर्ण दृष्टिकोण की जरूरत थी और इसके उचित समाधान के लिए सभी संबंधित हितधारकों की स्थिति को शामिल किया जाना था।’’

इस पत्र की प्रति एआईएफएफ और एशियाई फुटबॉल परिसंघ को भी भेजी गई है। फीफा के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए मिनर्वा पंजाब के मालिक रंजीत बजाज ने कहा कि अगर वैश्विक संस्था इस स्थिति में हस्तक्षेप नहीं करती है तो आईलीग क्लबों को भारतीय अदालत और साथ ही स्विट्जरलैंड में खेल पंचाट (कैस) की शरण लेनी होगी।

उन्होंने फीफा को दिए जवाब में लिखा, ‘‘आईलीग क्लबों को हमारे पास मौजूद कानूनी अधिकारों के लिए भारतीय अदालत की शरण लेनी होगी और राहत के लिए कैस में जाने पर भी विचार करना होगा।’’ बजाज ने लिखा, ‘‘मैं हैरान हूं कि फीफा ने एआईएफएफ द्वारा फीफा के नियमों और सिद्धांतों के स्पष्ट उल्लंघन पर आंखें मूंद ली हैं जो दुनिया में कहीं भी स्वीकार्य नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि एआईएफएफ भारतीय फुटबॉल के समक्ष मौजूद संकट का सामना करने में पूरी तरह से अक्षम है। आईएमजी-रिलायंस (एफएसडीएल) के साथ अवैध मास्टर्स राइट्स एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करके एआईएफएफ अपने व्यावसायिक साझेदार के हाथों की कठपुतली बन गया है जो अपने निजी मुनाफे के लिए भारतीय फुटबॉल को तहस नहस कर रहा है।’’

बजाज ने कहा कि उन्हें फीफा का पत्र क्लब के आधिकारिक ईमेल पर नहीं मिला है लेकिन विभिन्न सूत्रों ने उन्हें यह भेजा है। फीफा ने पत्र में कहा है कि 2018 में की गई सिफारिशों पर विचार करने की जरूरत है।

फीफा के कार्यवाहक महासचिव (फुटबॉल) मैटियास ग्रेफस्ट्रोम ने लिखा, ‘‘यह स्पष्ट है कि सिफारिशों के कई पहलुओं को लागू करने से पहले अब भी उन पर आगे विचार करने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम समझ सकते हैं कि इसके आधार पर एआईएफएफ अध्यक्ष ने क्लबों से मुलाकात की और कुछ समय के लिए सुझाव पेश किया जब तक कि सभी हितधारकों के साथ सलाह मशविरा जारी रखते हुए अधिक व्यावहारिक दीर्घकालीन समाधान हासिल नहीं कर लिया जाता।’’


Web Title: Work closely with AIFF for solution, says FIFA to I-League clubs
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