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मध्य प्रदेश में 10वीं बोर्ड परीक्षा के बचे पेपर नहीं होंगे, बिना परीक्षा दिए किया जाएगा पास, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने किया ऐलान

By भाषा | Updated: May 17, 2020 13:57 IST

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि लॉकडाउन की अवधि में निजी स्कूल विद्यार्थियों से केवल ट्यूशन फीस ले सकेंगे। चौहान ने शनिवार रात को कहा कि मध्यप्रदेश में 19 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के बाद से निजी स्कूल बंद हैं, इसलिए वे ट्यूशन फीस के अलावा कोई और फीस नहीं ले सकेंगे।

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ठळक मुद्देमध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित की जाने वाली शैक्षणिक वर्ष 2019-2020 की 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के शेष बचे पेपरों की परीक्षा नहीं ली जायेगी। विद्यार्थियों को शेष बचे हुए पेपरों में बिना परीक्षा दिए पास कर दिया जाएगा।

भोपालः कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित की जाने वाली शैक्षणिक वर्ष 2019-2020 की 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के शेष बचे पेपरों की परीक्षा नहीं ली जायेगी। विद्यार्थियों को शेष बचे हुए पेपरों में बिना परीक्षा दिए पास कर दिया जाएगा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार रात को इसकी घोषणा करते हुए कहा, ''मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित की जाने वाली कक्षा 10वीं की परीक्षा के शेष बचे पेपर की परीक्षा नहीं ली जायेगी।''

उन्होंने कहा, ‘‘जिन विषयों की परीक्षा हो चुकी है, उन्हीं के अंक के आधार पर मैरिट तैयार की जायेगी। बचे हुए विषय के आगे 'पास' लिखा जायेगा।’’ इसके अलावा, चौहान ने कहा कि 12वीं की बोर्ड परीक्षा बच्चों के भविष्य के लिये बहुत महत्वपूर्ण है।

12वीं का परीक्षा परिणाम उनका भविष्य निर्धारित करता है इसलिए मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित 12वीं की बोर्ड परीक्षा के जो पेपर बचे हुए हैं, उनकी परीक्षा 8 जून 2020 से 16 जून 2020 के बीच आयोजित की जायेगी।

मालूम हो कि मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल 2019-2020 की बिना वार्षिक परीक्षा लिए पहली कक्षा से लेकर 9वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के साथ-साथ 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पहले ही 28 मार्च को पास कर उन्हें जनरल प्रमोशन दे चुका है। 

मध्य प्रदेश में निजी स्कूल केवल ट्यूशन फीस ले सकेंगे

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि लॉकडाउन की अवधि में निजी स्कूल विद्यार्थियों से केवल ट्यूशन फीस ले सकेंगे। चौहान ने शनिवार रात को कहा कि मध्यप्रदेश में 19 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के बाद से निजी स्कूल बंद हैं, इसलिए वे ट्यूशन फीस के अलावा कोई और फीस नहीं ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का संचालन हो सके, इसी लिए ट्यूशन फीस लेने की अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त लाइब्रेरी, बस, खेलों और अन्य किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।

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