लाइव न्यूज़ :

8वीं तक के सभी छात्र बिना परीक्षा पास, केंद्र ने कहा- RTE के तहत राज्य सरकारें निर्णय लेने के लिए हैं स्वतंत्र

By एसके गुप्ता | Updated: March 31, 2020 05:54 IST

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शिक्षा के अधिकार कानून के तहत कक्षा आठवीं तक छात्रों को बिना परीक्षा अगली कक्षा में भेजने का अधिकार राज्यों को है.

Open in App
ठळक मुद्देकरोना संक्रमण से बचाव के लिए एहतियात के तौर पर  शिक्षण संस्थानों में अवकाश चल रहा है. अगले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत देर से होगी.छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय ने 2019-20 के कक्षा  आठवीं तक के छात्रों को तिमाही और  छमाही की परीक्षा के आधार पर उत्तीर्ण कर दिया है.

नई दिल्लीः करोना संक्रमण से बचाव के लिए एहतियात के तौर पर  शिक्षण संस्थानों में अवकाश चल रहा है. अगले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत देर से होगी. छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय ने 2019-20 के कक्षा  आठवीं तक के छात्रों को तिमाही और  छमाही की परीक्षा के आधार पर उत्तीर्ण कर दिया है. दिल्ली सरकार ने भी सोमवार को बिना पूरी परीक्षा लिए छात्रों को पास कर अगली कक्षा में भेजने के निर्देश स्कूलों को जारी किए हैं. 

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शिक्षा के अधिकार कानून के तहत कक्षा आठवीं तक छात्रों को बिना परीक्षा अगली कक्षा में भेजने का अधिकार राज्यों को है. आरटीई एक्ट में हाल ही में संशोधन भी किया गया है जिसमें कक्षा 8 तक छात्रों को फेल करने का प्रावधान भी है लेकिन यह नए प्रावधान अगले साल से लागू किए जाएंगे. हालांकि , सीबीएसई की 10वीं- 12वीं बोर्ड परीक्षा और जिन कक्षाओं के परिणाम जारी नहीं हुए हैं उनकी परीक्षाएं रीशेड्यूल कर परिणामों को जारी किया जाएगा.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय सचिव अमित खरे ने हाल ही में सभी राज्यों से बातचीत में कहा था कि वह आठवीं तक के बच्चों को बिना परीक्षा उत्तीर्ण कर सकते हैं. जिसके आधार पर केंद्रीय विद्यालय संगठन ने अपने छात्रों के परिणाम ई-मेल पर जारी कर व्हाट्सएप ग्रुप पर अभिभावकों को सूचित कर दिया.

फेडरेशन ऑफ पब्लिक स्कूल दिल्ली के अध्यक्ष एमएस रावत ने लोकमत से कहा कि आरटीआई एक्ट के तहत स्कूलों को यह अधिकार है कि वह कोरोना संक्रमण की स्थिति में स्वत : निर्णय लेते हुए आठवीं तक के छात्रों को बिना परीक्षा पास कर अगली कक्षा में भेज सकते हैं.  दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आरसी जैन ने कहा कि अब तो राज्य सरकार ने भी इस पर आदेश दे दिए हैं. इसलिए दिल्ली के स्कूलों ने आठवीं तक के छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया है.

टॅग्स :कोरोना वायरससीओवीआईडी-19 इंडियामानव संसाधन विकास मंत्रालय
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्यLMOTY 2026: हजारों मरीजों के लिए आशा की किरण?, डॉ. गौतम भंसाली को 'लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026' पुरस्कार

स्वास्थ्यCOVID-19 infection: रक्त वाहिकाओं 5 साल तक बूढ़ी हो सकती हैं?, रिसर्च में खुलासा, 16 देशों के 2400 लोगों पर अध्ययन

भारत'बादल बम' के बाद अब 'वाटर बम': लेह में बादल फटने से लेकर कोविड वायरस तक चीन पर शंका, अब ब्रह्मपुत्र पर बांध क्या नया हथियार?

स्वास्थ्यसीएम सिद्धरमैया बोले-हृदयाघात से मौतें कोविड टीकाकरण, कर्नाटक विशेषज्ञ पैनल ने कहा-कोई संबंध नहीं, बकवास बात

पाठशाला अधिक खबरें

पाठशालास्प्रिंगर नेचर ने ICSSR, दिल्ली में 'इंडिया रिसर्च टूर' के तीसरे संस्करण को दिखाई हरी झंडी

पाठशालापढ़ाई पर है पूरा ज़ोर, नहीं रहेगा बच्चा कमजोर

पाठशालासत्यार्थी समर स्कूल: 11 देशों के प्रतिभागियों ने किया दिल्ली और राजस्थान आश्रम का दौरा

पाठशालाJEE Advanced: मन में है विश्वास हम होंगे कामयाब?, लगन और जुनून तो मंज़िल मुश्किल नहीं

पाठशालारूस-यूक्रेन के डर के बीच किर्गिस्तान में मेडिकल पढ़ाई को मिल रहा नया ठिकाना