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भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की तैयारी में जुटा था पीएफआई, तैयार कर रहा था महिला दस्ता, सीमांचल में सक्रिये हो रही थीं महिलायें

By एस पी सिन्हा | Updated: July 26, 2022 21:07 IST

पीएफआई बिहार के सिमांचल इलाके में अपने महिला दस्ते को सक्रिय बनाने की तैयारी कर रहा था।

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ठळक मुद्देआईबी की रिपोर्ट के मुताबिक पीएफआई बिहार में भी अपने महिला विंग को सक्रिय कर रहा था इस विंग की महिला सदस्य संगठन के मूल उद्देश्यों को महिलाओं के बीच पहुंचाने का काम करती हैंमहिला विंग की सदस्यों के निशाने पर शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ घरेलू महिलाएं होती हैं

पटना: पश्चिम बंगाल और केरल की तर्ज पर बिहार में भी पीएफआई अपना महिला दस्ता बनाने की तैयारी में था। आईबी ने इस संदर्भ में एक रिपोर्ट भी गृह मंत्रालय को भेजा था। इस विंग में जुड़ी महिला सदस्य अपने संगठन के मूल उद्देश्य को घर-घर तक महिलाओं के बीच लेकर जाती है।

शैक्षणिक संस्थाओं से लेकर घर की महिलाएं तक इनकी टारगेट में होती हैं। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों से सीमांचल में इसकी जमीन तैयार की जा रही थी। इसके साथ ही जांच में यह भी पता चला है कि पीएफआई का महिला विंग एक विशेष उद्देश्य के तहत काम करता है। इसमें महिलाओं को शामिल किया जाता है।

कैंपस और जनरल, ये दो शाखांए होती है। कैंपस शाखा की महिला सदस्यों का निशाना शैक्षणिक संस्थानों पर होता है, जिसके परिसरों में ये काम करती हैं। वहीं दूसरी शाखा की सदस्यों का टारगेट गांव की महिलाएं होती हैं। जिनके बीच ये जाती हैं और उन्हें भड़काना इनका काम होता है।

इनका मुख्य उद्देश्य संगठन के देश विरोधी लक्ष्य की प्राप्ति ही है। जांच में यह भी बात सामने आई है कि पश्चिम बंगाल और केरल में ये महिला विंग बेहद मजबूत है और बिहार के सीमांचल में इन्हीं दो राज्यों से सक्रिय महिला सदस्यों को भेजा गया था। यहां के मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज समेत अन्य संस्थानों में इसे फैलाने की तैयारी की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि पटना के फुलवारीशरीफ में देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहे कुछ साजिशकर्ता दबोचे गये तो पीएफआई संगठन के बड़े-बड़े राज बाहर आने लगे। भविष्य के लिए पीएफआई ने बड़ी साजिश की तैयारी की थी। बिहार में बड़े स्तर पर पर्दे के पीछे से सारा खेल चल रहा था। घरेलू महिलाओं को भ्रमित करने के लिए आगे की तैयारी भी शुरू कर दी गई थी। अब इस पूरे मामले की जांच में एनआईए की टीम जुट गई है।

भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की मंशा रखकर देश विरोधी षडयंत्र रचने वाले इस गिरोह के 26 संदिग्धों पर पटना पुलिस ने नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी। जिसमें 22 अभियुक्त अभी भी फरार ही चल रहे हैं। एनआईए के आईजी आशीष बत्रा दिल्ली से पटना आए हुए हैं।

आज सबसे पहले उन्होंने पीएफआई और गजवा-ए-हिन्द के केस को लेकर बिहार एटीएस की टीम के साथ एक बैठक की। उनसे दोनों ही केस में अब तक हुई जांच से जुड़ी जानकारी ली और जांच में मिले सबूतों के बारे में भी विस्तृत जानकारी ली।

टॅग्स :बिहारPFIएनआईएNIA
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