नासिकः नासिक स्थित स्वयंभू धर्मगुरु और ज्योतिषी अशोक खरात की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कथित बलात्कार के आरोप में पहले से ही गिरफ्तार 67 वर्षीय ज्योतिषी पर जबरन वसूली, मानव बलि और अंधविश्वास विरोधी अधिनियम के उल्लंघन का एक और मामला दर्ज किया गया है। पुणे के एक बिल्डर ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक नेताओं और वीवीआईपी सहित कई ग्राहकों को लुभाने वाले इस ज्योतिषी ने उनसे लगभग 5 करोड़ रुपये की जबरन वसूली की। आध्यात्मिक गुरु के पापों का घड़ा अब भर चुका है। इस बाबा के काले कारनामों की परतें हर दिन खुल रही हैं।
पता चला है कि अंधविश्वास का बाजार फैलाकर उसने एक भक्त को 21 देशों की यात्रा करवाई और उसी के पैसों से अपना गुजारा किया। विशेष जांच दल की चल रही जांच में अब कुछ ऐसी बातें सामने आई हैं, जिन्हें सुनकर हर कोई स्तब्ध रह गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, खरात ने उससे कहा कि अगर उसे जीवन में तरक्की करनी है तो उसे '21 देशों की मिट्टी को छूना' होगा।
इस अंधविश्वास में फंसाकर उसने पीड़ित को 2018 से 2025 के बीच कई देशों की यात्रा करवाई। हैरानी की बात यह है कि अशोक खरात खुद इन सभी विदेश यात्राओं में पीड़ित के साथ गया और इस धोखेबाज ने पीड़ित से उसके रहने, खाने और यात्रा खर्च के नाम पर लाखों रुपये वसूल लिए। अशोक खरात ने केवल आर्थिक उगाही तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि पीड़ित पर मानसिक आतंक का भी इस्तेमाल किया।
ईशानेश्वर मंदिर में 'उत्तर पूजा' करने के बहाने उसने पीड़ित को बुलाया। वहाँ उसने अचानक एक बड़ा साँप दिखाया और यह जताने का नाटक किया कि "ईशानेश्वर महाराज प्रसन्न हैं"। साँप के डर और तथाकथित दैवीय प्रकोप से पीड़ित बुरी तरह भयभीत हो गया और खरात के जाल में और भी उलझता चला गया।
खरात ने शिकायतकर्ता को अपने लॉजिस्टिक्स व्यवसाय की सफल शुरुआत के लिए 'अवतार पूजा' करने की सलाह दी थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि ज्योतिषी ने उसे मृत्यु का भय भी बिठाकर मजबूर किया और उसके लिए मर्सिडीज-बेंज कार खरीदी। आरोपी ने नकली सांप दिखाकर धमकाया और दावा किया कि उसे पारस (दार्शनिक पत्थर) की शक्तियां प्राप्त करने के लिए 21 अलग-अलग देशों की यात्रा की।
पुलिस शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को नाग देवता के प्रकोप की धमकी दी और चेतावनी दी कि अगर उसने बात नहीं मानी तो उसे घातक सांप काट लेगा। इसके साथ ही आरोपी ने बिल्डर के साथ मिलकर कई देशों की यात्रा की और शिकायतकर्ता को सभी खर्च उठाने के लिए मजबूर किया।
यह भी आरोप है कि खरात ने मीरगांव स्थित अपने फार्महाउस के निर्माण का पूरा खर्च भी शिकायतकर्ता से वसूल लिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसे ईशान्येश्वर महादेव मंदिर के पास बंधक बनाकर रखा गया, जहां खरात अध्यक्ष हैं, और उसे जान से मारने की धमकियां दी गईं तथा फार्महाउस के फर्नीचर के लिए उससे पैसे वसूले गए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा को सूचित किया कि खरात को देश छोड़ने से रोकने के लिए 10 मार्च को उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था और उसके खिलाफ मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 मार्च को नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि उसे खरात के 'कनाडा कॉर्नर' स्थित कार्यालय में बुलाया गया, पानी दिया गया और बाद में उसके पति की जान से मारने की धमकी दी गई, जिसके बाद उसके साथ कई बार बलात्कार किया गया।
फडणवीस ने कहा, "खरात को 17 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान पुलिस ने दो लैपटॉप, एक रिवॉल्वर और 21 जिंदा कारतूस जब्त किए और पता चला कि नासिक जिले के मीरगांव में उसका एक फार्महाउस है।" उन्होंने आगे बताया कि 'धर्मगुरु' के खिलाफ जांच औपचारिक रूप से 19 मार्च को एसआईटी को सौंप दी गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों में सरकारी अधिकारियों की संभावित संलिप्तता की भी जांच करेगी। एसआईटी ने अशोक खरात के "शिवनिका संस्थान" के बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं।
संस्था के बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग और काले धन के लेन-देन में इस्तेमाल होने के संदेह के बाद जांचकर्ता वर्तमान में संस्थान के रिकॉर्ड की गहन जांच कर रहे हैं। एसआईटी ने पंजीकरण महानिरीक्षक को पत्र लिखकर अशोक खरात और उनके परिवार के 5 सदस्यों की जमीन और फ्लैट सहित सभी संपत्तियों का विवरण प्राप्त करने का अनुरोध किया है।