नई दिल्लीः प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन जांच के तहत ‘‘अवैध’’ महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के मुख्य प्रवर्तकों में से एक, सौरभ चंद्राकर से जुड़े संगठनों की दुबई में स्थित लगभग 1,700 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति जब्त की। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। संघीय जांच एजेंसी ने पहले बताया था कि इस मामले में छत्तीसगढ़ के कई उच्च पदस्थ राजनेता और नौकरशाह शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अंतरिम आदेश जारी कर दुबई स्थित विश्व की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा में स्थित कुछ संपत्तियों सहित कई विला और आलीशान मकानों को जब्त करने का आदेश दिया है।
सूत्रों के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियां चंद्रकार, उनसे जुड़ी कंपनियों और सहयोगियों से संबंधित बताई जा रही हैं। महादेव ऐप का प्रचार चंद्रकार और उसके सहयोगी रवि उप्पल ने किया था, जो दोनों छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। भारत उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहा है। चंद्रकार का आखिरी ज्ञात ठिकाना संयुक्त अरब अमीरात (UAE) था।
जबकि उप्पल के बारे में कहा जाता है कि वह UAE से भागकर वानुअतु चला गया है। चंद्रकार और अन्य लोगों पर आरोप है कि उन्होंने महादेव ऐप के ज़रिए जनता को "धोखा" दिया। यह ऐप कई अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों या मोबाइल एप्लिकेशन को ग्राहकों को आकर्षित करने और इन अवैध सट्टेबाजी के खेलों और वेबसाइटों के वित्तीय लेन-देन को संभालने में मदद करने के लिए बनाया गया था।