Gopalganj: बिहार में गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र के एक गांव से एक विचलित कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां दो वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। इस अमानवीय वारदात से न सिर्फ गांव बल्कि पूरे जिले में आक्रोश और भय का माहौल है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि बीते 24 घंटों के भीतर इसी थाना क्षेत्र में यौन अपराध की यह दूसरी बड़ी घटना बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मासूम बच्ची अपने घर के मुख्य द्वार के पास खेल रही थी। परिजन घर के अंदर अपने काम में व्यस्त थे।
इसी दौरान एक व्यक्ति ने बच्ची को अकेला पाकर उसे बहला-फुसलाकर पास के एक सुनसान स्थान की ओर ले गया। कुछ समय बाद बच्ची के जोर-जोर से रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण घबराकर उस दिशा में पहुंचे। जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां का दृश्य बेहद भयावह था, जिसे देखकर हर कोई सन्न रह गया।
ग्रामीणों और परिजनों ने बिना देर किए बच्ची को तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं।
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए संदिग्ध व्यक्ति को घेराबंदी कर पकड़ लिया। सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को भीड़ से सुरक्षित निकालकर हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद शारिक के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि वह उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का रहने वाला है और गोपालगंज में एक बाइक शोरूम में पेंटर का काम करता था। पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है।
हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्य उसके खिलाफ संकेत कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को घटनास्थल पर बुलाया। एफएसएल टीम ने मौके से कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं, जो आगे की जांच में अहम साबित हो सकते हैं।