नूंहः अमेरिका-इजरायल और ईरान सहमत हैं कि 15 दिन के लिए युद्धविराम लागू है। युद्धविराम की शर्तों और जिन बातों पर वे वास्तव में सहमत हुए हैं, उन पर दोनों देशों के विचार अलग-अलग हैं। 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत हुई थी और दुनिया भर में आर्थिक हालात ने झकझोर कर रख दिया है। इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध का असर भारत में भी बड़े पैमाने पर दिखने को मिला और महानगर, शहर और गांव में हालत ठीक नहीं है। महानगर में एलपीजी गैस की किल्लत है। गांव में लोग गैस, पेट्रोल और डीजल की समस्या का सामना कर रहे हैं।
इस बीच दलाल भी सक्रिय हो गए। इस आफत में भी पैसा कमाने की भूख लिए लोग घूम रहे और मीडिल क्लास की जेब खाली कर रहे हैं। गैस की कमी और कालाबाजारी के बीच आम जन परेशान हैं। तहलका एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा के नूंह-मेवात में तेल में खेल हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पेट्रोल और डीजल की चोरी की जा रही है।
टैंकर से ईंधन की चोरी कर भंडारण किया जा रहा है और अधिक मुनाफे पर बेचा जा रहा है। तहलका एसआईटी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस धंधे में पुलिस और माफिया की मिलीभगत है। टीम ने दिल्ली-मुंबई की यात्रा सड़क से की और दिल्ली से राजस्थान के जैसलमेर में कई राज खुले। दिल्ली से जैसलमेर की दूरी 800 किलोमीटर है। नोएडा से 1 घंटे की दूरी पर हरियाणा के मेवात में नूंह है।
आपको बता दें कि यात्रा के दौरान कई चीजें ऐसी मिलती है कि आप जाने की कोशिश करते हो। तहलका की टीम ने देखा कि जगह-जगह लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर दोनों तरफ 20 लीटर पानी की बोतल लटकी है। कार ड्राइवर ने कहा कि इस बोतल का प्रयोग ट्रक से डीजल निकाला जाता है। ये कई सालों से किया जा रहा है और फिर चोरी चुपके बाजार में बेचा जाता है।
अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण बाजार में दलाली पनपी और कई जगह काले कारनामे शुरू हो गए। आपदा में भी लोग पैसा बनाना नहीं भूले। इस धंधे में हर कोई शामिल हैं। इस आफत में सबसे अधिक कोई फंसा हैं तो वह मध्यक क्रम परिवार है। अब ईंधन से मोटी कमाई कर रहे हैं और दलाल के माध्यम से कई लोग पैसा खा रहे हैं।
तहलका की टीम ने इस दौरान कई लोगों से बात की और बड़े खुलासे हुए। रैकेट के सदस्य ने कहा कि 20 लीटर की बोतल देख रहे हैं। हम लोग ट्रक से डीजल निकालते हैं और खुले बाजार में बेचकर मोटा मुनाफा कमाते हैं। शख्स ने कहा कि आपको बता दें कि कई टैंकर और ट्रक वाले खुद आकर देते हैं। उसने स्वीकार किया कि हमें ये 75 रुपये लीटर देते हैं और एक ट्रक से 25-30 लीटर निकालते हैं।
उसने कहा कि लोकल पुलिस को भी पैसा देते हैं। कई लोग लीटर पर 5 रुपये कमीशन खाते हैं और दिनभर में 5000-10000 रुपये कमा लेते हैं। पर्व और त्योहार में चालक अधिक तेल बेचते हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण हम लोग तेल को स्टॉक कर रख रहे हैं और बाद में बेचकर मोटा कमाई करेंगे। डीजल की कमी हुई तो पैसा ही पैसा बनाएंगे।