बेंगलुरुः कप्तान हार्विक देसाई के नाबाद शतक से सौराष्ट्र ने सोमवार को यहां उत्तर प्रदेश को वर्षा से बाधित मैच में वीजेडी पद्धति के तहत 17 रन से हराकर विजय हजारे ट्रॉफी एकदिवसीय टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई। चोटिल ऋषभ पंत की जगह भारतीय टीम में जगह बनाने वाले ध्रुव जुरेल की गैरमौजूदगी में उत्तर प्रदेश ने बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर आठ विकेट पर 310 रन बनाए।
इसके जवाब में जब सौराष्ट्र ने 40.1 ओवर में तीन विकेट पर 238 रन बनाए थे जब बारिश के कारण खेल रोकना पड़ा जो दोबारा शुरू नहीं हो पाया और सौराष्ट्र को वी जयदेवन (वीजेडी) पद्धति के तहत विजेता घोषित किया गया। सौराष्ट्र की ओर से कप्तान देसाई ने 116 गेंद में नाबाद 100 रन बनाए। उन्होंने प्रेरक मांकड़ (66 गेंद में 67 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 133 रन की पारी खेली।
देसाई ने इसके बाद चिराग जानी (नाबाद 40, 31 गेंद) के साथ चौथे विकेट के लिए 76 रन की अटूट साझेदारी की। देसाई ने अपनी पारी में आठ चौके और दो छक्के मारे। उत्तर प्रदेश की टीम ग्रुप बी में अपने सभी लीग मैच जीतकर शीर्ष पर रही थी जबकि सौराष्ट्र ने ग्रुप डी में सात में से पांच मैच जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया था।
उत्तर प्रदेश की टीम इस मैच में जुरेल के बिना उतरी जो मौजूदा टूर्नामेंट में सात पारियों में 558 रन बनाकर शानदान फॉर्म में चल रहे थे। उत्तर प्रदेश के लिए अभिषेक गोस्वामी (88) और समीर रिज्वी (88) ने अर्धशतक जड़े। गोस्वामी ने अपनी पारी में 12 चौके मारे जबकि समीर ने 10 चौके और दो छक्के जड़े।
समीर ने प्रशांत वीर (30) के साथ 50 जबकि गोस्वामी के साथ 45 रन की साझेदारी की। कप्तान रिंकू सिंह (13) ने हालांकि निराश किया। प्रियम गर्ग ने भी 35 रन का योगदान दिया। सौराष्ट्र की ओर से बाएं हाथ के तेज गेंदबाज चेतन सकारिया ने 54 रन पर तीन विकेट चटकाए। अंकुर पंवार और प्रेरक मांकड़ ने दो-दो विकेट चटकाए।
पड़िक्कल, नायर की पारियों से कर्नाटक लगातार चौथी बार सेमीफाइनल में
गत चैम्पियन कर्नाटक ने वर्षाबाधित मैच में वीजेडी पद्धति के जरिये मुंबई को 54 रन से हराकर लगातार चौथी बार विजय हजारे ट्रॉफी के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बना चुके देवदत्त पडिक्कल ने 95 गेंद में 11 चौकों की मदद से नाबाद 81 रन बनाये जबकि भारत के अनुभवी बल्लेबाज करूण नायर ने 80 गेंद में नाबाद 74 रन बनाये जिसमें 11 चौके शामिल थे।
कर्नाटक ने जीत के लिये 255 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बारिश होने तक 33 ओवर में एक विकेट पर 187 रन बना लिये थे । उस समय वीजेडी प्रणाली से लक्ष्य 132 रन था और कर्नाटक 55 रन आगे था जिससे उसे विजेता घोषित किया गया । इससे पहले मुंबई को करारा झटका लगा, जब अभ्यास के दौरान ऊंगली में चोट के कारण उसके शीर्ष बल्लेबाज सरफराज खान (303 रन) टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
उनकी गैर मौजूदगी में मुंबई आठ विकेट पर 254 रन ही बना सके। शम्स मुलानी ने 86 रन बनाये जबकि सिद्धेश लाड ने 38 रन का योगदान दिया। कर्नाटक के लिये विद्याधर पाटिल ने 42 रन देकर तीन विकेट लिये जबकि अभिलाष शेट्टी और विद्वत कावेरप्पा ने दो दो विकेट चटकाये।