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क्या है पीएम स्वनिधि योजना?, रेहड़ी-ठेले, फुटपाथ पर काम करने वाले को कैसे मिलेगा लाभ?

By सतीश कुमार सिंह | Updated: January 23, 2026 12:16 IST

समय पर अपना दूसरा कर्ज चुकाने वाले रेहड़ी-पटरी वाले आकस्मिक व्यावसायिक और व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए यूपीआई (एकीकृत भुगतान इंटरफेस) से जुड़े रुपे क्रेडिट कार्ड के लिए पात्र होंगे।

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ठळक मुद्देतीसरी किस्त 50,000 रुपये बनी रहेगी।दूसरी किस्त 20,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है। पहली किस्त की ऋण सीमा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये है।

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल से पूरे देश के लिए गरीब कल्याण से जुड़ी एक बड़ी शुरुआत भी हो रही है। आज पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया गया है। इससे देशभर के रेहड़ी-ठेले, फुटपाथ पर काम करने वाले लोगों को लाभ होगा। हाल ही सरकार ने 7,332 करोड़ रुपये का व्यय के साथ रेहड़ी-पटरी वालों के लिए पीएम स्वनिधि योजना के पुनर्गठन और विस्तार को 31 मार्च, 2030 तक के लिए मंजूरी दे दी थी। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत पहली किस्त की ऋण सीमा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये है।

दूसरी किस्त 20,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है। जबकि तीसरी किस्त 50,000 रुपये बनी रहेगी। समय पर अपना दूसरा कर्ज चुकाने वाले रेहड़ी-पटरी वाले आकस्मिक व्यावसायिक और व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए यूपीआई (एकीकृत भुगतान इंटरफेस) से जुड़े रुपे क्रेडिट कार्ड के लिए पात्र होंगे।

विक्रेताओं को 1,600 रुपये तक का प्रोत्साहन भी दिया जाएगा

साथ ही, खुदरा और थोक लेनदेन के लिए डिजिटल भुगतान का विकल्प चुनने वाले विक्रेताओं को 1,600 रुपये तक का प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। यह योजना पहले 31 दिसंबर, 2024 तक वैध थी। पुनर्गठित योजना का लक्ष्य 50 लाख नए रेहड़ी-पटरी वालों सहित 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ पहुंचाना है।

कर्ज और क्रेडिट कार्ड तक पहुंच को सुगम

बयान के अनुसार, इस योजना का कार्यान्वयन आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग की संयुक्त जिम्मेदारी होगी। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय इस योजना का संचालन करेगा, जबकि वित्तीय सेवा विभाग बैंकों और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से कर्ज और क्रेडिट कार्ड तक पहुंच को सुगम बनाएगा।

रेहड़ी-पटरी वालों की क्षमता निर्माण पर भी केंद्रित

बयान में कहा गया है कि पुनर्गठित योजना में बढ़ी हुई ऋण राशि, यूपीआई-से जुड़ा रुपे क्रेडिट कार्ड, डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन और व्यापक भौगोलिक कवरेज शामिल है। यह उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल कौशल और विपणन पर ध्यान केंद्रित करते हुए रेहड़ी-पटरी वालों की क्षमता निर्माण पर भी केंद्रित है।

एक जून, 2020 को पीएम स्वनिधि योजना शुरू की थी

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के साथ साझेदारी में, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए मानक स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान कठिनाइयों का सामना करने वाले रेहड़ी-पटरी वालों की सहायता के लिए एक जून, 2020 को पीएम स्वनिधि योजना शुरू की थी। तीस जुलाई तक, 68 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को 13,797 करोड़ रुपये के 96 लाख से अधिक कर्ज वितरित किए जा चुके हैं।

टॅग्स :नरेंद्र मोदीकेरल
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