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ग्रीनलैंड की सुरक्षा केवल अमेरिका ही कर सकता?, ट्रंप ने दावोस में कहा-मुझे ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों के लिए बहुत सम्मान

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 21, 2026 21:29 IST

ट्रंप की उड़ान में विलंब हुआ क्योंकि उनके विमान में मामूली तकनीकी समस्या के कारण दूसरे विमान में सवार होने के लिए उन्हें वाशिंगटन लौटना पड़ा था।

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ठळक मुद्देहिमखंड का एक बड़ा टुकड़ा है, इसे वापस देना हमारी मूर्खता थी।रणनीतिक कारणों से है, न कि दुर्लभ खनिजों के लिए है। ग्रीनलैंड की सुरक्षा केवल अमेरिका ही कर सकता है। 

दावोसः राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को विश्व आर्थिक मंच के सम्मेलन में शामिल होने के लिए स्विट्जरलैंड पहुंचे। ट्रंप ने दावोस में कहा कि मुझे ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों के लिए बहुत सम्मान है, लेकिन ग्रीनलैंड की सुरक्षा केवल अमेरिका ही कर सकता है। अमेरिका, रूस और चीन के बीच रणनीतिक रूप से अहम स्थिति में है ग्रीनलैंड, हमें इसकी आवश्यकता रणनीतिक कारणों से है, न कि दुर्लभ खनिजों के लिए है। ट्रंप ने विश्व आर्थिक मंच में कहा कि हमने खूबसूरत डेनमार्क के लिए लड़ाई लड़ी, जो कि जमीन नहीं, बल्कि हिमखंड का एक बड़ा टुकड़ा है, इसे वापस देना हमारी मूर्खता थी।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को विश्व आर्थिक मंच की बैठक में अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि वह ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए बल का प्रयोग नहीं करेंगे। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका तेजी से तरक्की कर रहा है, लेकिन यूरोप ‘‘सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है’’। ट्रंप ने उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में सहयोगी डेनमार्क से ग्रीनलैंड का नियंत्रण हासिल करने की इच्छा जताई है। उनकी यह महत्वाकांक्षा अमेरिका के कई करीबी सहयोगियों के साथ संबंधों को खराब करने का खतरा पैदा कर रही है।

ट्रंप ने अपने संबोधन को मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और अपने देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की। लेकिन वैश्विक मंच पर ट्रंप की उपस्थिति अन्य देशों के साथ उनकी शिकायतों पर अधिक केंद्रित रही। उन्होंने बार-बार दोहराया कि ग्रीनलैंड को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका सबसे अच्छी स्थिति में है।

उन्होंने इस विचार का विरोध करने के लिए यूरोप के अधिकांश देशों का उपहास किया। राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप की दावोस की यह तीसरी यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी सहयोगी ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की उनकी महत्वाकांक्षा को लेकर चिंतित हैं, जबकि लातिन अमेरिका वेनेजुएला के तेल पर कब्जा करने के उनके प्रयासों से जूझ रहा है।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मंगलवार को ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप द्वारा अपने आठ देशों पर प्रस्तावित नए शुल्क को ‘गलत’ फैसला बताया और अमेरिकी राष्ट्रपति की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यूरोपीय संघ अपने सबसे शक्तिशाली आर्थिक उपकरणों में से एक, जिसे बोलचाल की भाषा में व्यापार ‘बाजूका’ कहा जाता है, का उपयोग करके जवाबी कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप ने कहा, ‘‘हमें विश्व की रक्षा के लिए हिमखंड का एक टुकड़ा चाहिए, और वे इसे नहीं देंगे।’’

उन्होंने कहा कि ‘‘आप हां कह सकते हैं, और हम इसके लिए बहुत आभारी होंगे। या आप ना कह सकते हैं, और हम इसे याद रखेंगे।’’ ट्रंप ने दावोस में अपने संबोधन के दौरान डेनमार्क से ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए अमेरिका से ‘‘तत्काल बातचीत’’ का आह्वान किया। राष्ट्रपति ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान आर्कटिक द्वीप की अमेरिका द्वारा सुरक्षा को लेकर डेनमार्क पर ‘‘कृतघ्नता’’ का आरोप लगाया।

उन्होंने यूरोपीय देश की कड़ी आलोचना की और इस बात पर जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अमेरिका को द्वीप पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। ट्रंप ने कहा, ‘‘यह विशाल असुरक्षित द्वीप वास्तव में उत्तरी अमेरिका का हिस्सा है। यह हमारा क्षेत्र है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपको सैकड़ों फुट मोटी बर्फ से होकर गुजरना होगा। हमें इसकी जरूरत इसलिए नहीं है।’’

हालांकि ट्रंप की उड़ान में विलंब हुआ क्योंकि उनके विमान में मामूली तकनीकी समस्या के कारण दूसरे विमान में सवार होने के लिए उन्हें वाशिंगटन लौटना पड़ा था। व्हाइट हाउस ने कहा कि देर से पहुंचने से स्विस आल्प्स में आयोजित होने वाले मंच पर उनके निर्धारित भाषण में कोई देरी नहीं होगी। ट्रंप का भाषण घरेलू नीति पर केंद्रित रहने वाला है।

लेकिन इसमें ग्रीनलैंड मुद्दे के साथ-साथ वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हाल में सत्ता से बेदखल करने वाले अमेरिकी सैन्य अभियान का भी जिक्र हो सकता है। भाषण के दौरान ट्रंप के विदेश नीति पर अधिक जोर देने की योजना है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है, जिन्होंने ‘एयर फोर्स वन’ में पत्रकारों से बात की और उन योजनाओं पर चर्चा की जिन्हें अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। ट्रंप विदेशी नेताओं के साथ लगभग पांच द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे, हालांकि इसके बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी गई है।

ट्रंप दावोस में अंतरराष्ट्रीय मंच पर डेनमार्क और सात अन्य सहयोगी देशों पर भारी अमेरिकी आयात कर लगाने की धमकी देने के बाद आ रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि शुल्क अगले महीने से 10 प्रतिशत से शुरू होंगे और जून में बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाएंगे। ये दरें इतनी अधिक होंगी कि लागत में वृद्धि होगी और विकास धीमा होगा,

जिससे जीवन यापन की उच्च लागत को कम करने संबंधी ट्रंप के प्रयासों को संभावित रूप से नुकसान पहुंच सकता है। इस बीच, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने चेतावनी दी कि अगर ट्रंप टैरिफ के साथ आगे बढ़ते हैं, तो आयोग की प्रतिक्रिया ‘‘अडिग, एकीकृत और उसी के अनुरूप’’ होगी।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक को संबोधित करने के लिए दावोस पहुंचने से कुछ घंटे पहले ही उनके संबोधन स्थल पर प्रवेश करने के लिए लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। शहर में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद सैकड़ों लोग बाहर विभिन्न स्थानों पर उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए जमा हो गए।

अधिकारियों के अनुसार ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया, यहां तक ​​कि राष्ट्रपति के रूप में उनके पहले कार्यकाल के दौरान दावोस की पिछली यात्राओं में भी नहीं। विमान में तकनीकी खराबी के कारण कुछ देरी के बाद ट्रंप स्थानीय समयानुसार दोपहर एक बजे दावोस पहुंचे। लोग ट्रंप के विशेष संबोधन की शुरुआत से दो घंटे से भी अधिक पहले उनके संबोधन स्थल ‘कांग्रेस हॉल’ में प्रवेश के लिए कतार में लगने लगे।

‘कांग्रेस सेंटर’ का सबसे बड़ा हॉल, जिसमें 970 से अधिक लोगों के बैठने की क्षमता है, खचाखच भरा हुआ था और सैकड़ों लोग खड़े थे। आयोजकों ने लगभग 500 और लोगों के लिए कई अन्य हॉल में ‘लाइव स्ट्रीमिंग’ की व्यवस्था की। फिर भी कई लोगों को जगह नहीं मिल पाई और उन्हें अपने फोन और लैपटॉप पर भाषण देखते और सुनते हुए देखा गया। अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुख्य कार्यक्रम स्थल के बाहर और सुरक्षा अवरोधकों के पार, प्रदर्शनकारियों ने जलवायु, ग्रीनलैंड, वेनेजुएला, ईरान और पूंजीवाद जैसे मुद्दों पर ट्रंप के खिलाफ नारे लगाए।

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