नागपुरः अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब नागपुर के हाेटल उद्याेग पर भी हाेता दिख रहा है. कई हाेटल, रेस्टाॅरेंट्स में गैस सिलेंडर का स्टाॅक खत्म हाे रहा है. इससे फिर से बायाे पैलेट, लकडी की भट्ठी का सहारा लेकर व्यंजन बनाए जा रहे हैं. लेकिन प्राॅडक्शन 50 प्रतिशत तक कम हाेने की बात कही जा रही है. कई हाेटल/रेस्टाॅरेंट में मेनू बदलने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है ताे कहीं सीमित मात्रा में डीप फ्राइड आइटम बेचे जा रहे हैं.
आइये जानते हैं क्या कह रहे हैं शहर की हाेटलाें के मालिक
सेंट्रलाइज कूकिंग का सहारा
ईस्ट इंडिया कंपनी सहित शहर में चल रहे अन्य तीन रेस्टारेंट के संचालक अमरदीप सिंह ने बताया कि एलपीजी के बढ़ते संकट से उबरने के लिए उन्होंने सेंट्रलाइज कूकिंग का सहारा लेना शुरू कर दिया है. एक ही स्थान पर खाना बनाए जाने की इस योजना से ईंधन की खपत कम होगी, ऐसा उन्होंने विश्वास जताया है. आने वाले समय में यदि यह संकट और गहराता है तो उसके लिए भी जरूरी उपाय करने के लिए तैयारी कर ली गई है.
रेडिमेड ग्रेवी से 70 फीसदी इंधन की बचत
होटल सेंटर प्वाइंट के संचालक जसबीर सिंह ऊर्फ विक्की अरोरा ने बताया कि बूटीबोरी में उनका एक प्लांट लगा हुआ है, जहां पर सीपी फूड रेडिमेड ग्रेवी बनाई जाती है. इस माध्यम से वे 70 फीसदी इंधन की बचत वैसे ही कर रहे है. मौजूदा संकट को देखते हुए उन्होंने शहर के अन्य होटल व्यवसाइयों को सलाह दी है कि वे भी उनकी यह रेडिमेड ग्रेवी इस्तेमाल कर सकते है, ऐसे में ईंधन की बचत करने में उनका भी सहयोग मिल जाएगा, साथ ही समय और पैसा के भी बचत होगी.
माॅर्निंग ब्रेकफास्ट स्टीम और इंडक्शन मेड
हाेटल प्रीतम के संचालक एवं एनआरएचए अध्यक्ष तेजिंदर सिंह रेणु ने बताया कि अग्रसेन चाैक स्थित उनकी हाेटल में ग्राहकाें काे माॅर्निंग ब्रेकफास्ट ही दिया जाता है. चूंकि, पराठा, दाेसा जैसे नाश्ते काे बनाने में अधिक गैस का इस्तेमाल हाेता है, ऐसे में वे अपने ग्राहकाें काे इनके स्थान पर स्टीम फूड आइटम और इंडक्शन पर बनने वाले खाद्य पदार्थ मुहैया करा रहे हैं.
लाइव किचन पर बुरा असर
कृष्णम रेस्टाॅरेंट्स के संचालक देवेंद्र अग्रवाल ने बताया कि गैस का स्टाॅक कल तक ही है. ऐसे में केवल बेसकिचन में ही ग्रेवी आदि बन सकेगी. लाइव किचन पर बुरा असर हाेगा. केवल सैंडवीच, पिज्जा, बर्गर, थाली ही पराेसी जा सकेगी. डीप फ्राईड आइटम नहीं बनेंगे. ऐसे में लाइव किचन से कुछ न कुछ ताे बेचेंगे ही, लेकिन लाइव किचन में इंडक्शन पर नाश्ता/भाेजन बनाना संभव नहीं हाेगा. क्वालिटी प्रभावित हाेगी. 40 प्रतिशत मेनू उपलब्ध हाेगा. - देवेंद्र अग्रवाल, संचालक, कृष्णम रेंस्टाॅरेंट्स.
प्राॅडक्शन 50 प्रतिशत हाे गया कम
गणगाैर रेस्टाॅरेंट्स के संचालक राहुल माेहता ने बताया कि गैस का स्टाॅक आज तक ही है. ऐसे में बायाे पैलेट की भट्टी पर व्यंजन बन रहे हैं. प्राॅडक्शन 50 प्रतिशत कम हाे गया है. अब दाबेली, वडा पाव भी गर्म करके नहीं बेचेंगे. चाय भी बंद कर देंगे. केवल समाेसा उपलब्ध हाेगा. एक दाे दिन बाद बाकी ताजा नाश्ता नहीं मिल सकेगा. चिवड़ा जैसे सूखे आइटम लकडी पर भट्टी पर बनने से वह जरूर मिलेंगे. मिठाई में भी गुलाब जामून, रसगुल्ले का स्टाॅक खत्म हाेने पर ग्राहकाें काे केवल पेढे ही मिल सकेंगे. - राहुल माेहता, संचालक, गणगाैर रेस्टाॅरेंट्स