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उज्जीवन एसएफबी के बैंकिंग हेड के इस्तीफे के बीच शेयरों खरीदने को लेकर मची होड़, कीमत में 10% की बढ़ोतरी

By अंजली चौहान | Updated: October 4, 2023 10:49 IST

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बाजार में उज्जीवन एसएफबी के शेयरों में उछाल देखा गया और इसके शेयर खरीदने के लिए लोगों में होड़ मची है।

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नई दिल्ली: बेंगलुरु स्थित उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) के शेयरों के बीच जबरदस्त उछाल देखा गया है। उज्जीवन एसएफबी में शेयर ट्रेडिंग के दौरान 10 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 59.50  रुपये तक पहुंच गया है। शेयरों में ये उछाल श्रीरान श्रीनिवासन के इस्तीफे के बाद आई है जो की बैंक में डिजिटल हेड थे। 30 सितंबर 2023 को उज्जीन एसएफबी से श्रीराम श्रीनिवासन ने इस्तीफा दिया था। 

गौरतलब है कि नवंबर महीने में बेंगलुरु स्थित स्मॉल फाइनेंस बैंक ने असाधारण आम बैठक बुलाई है। इस बैठक का उद्देश्य होल्डिंग कंपनी उज्जीवन फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के साथ विलय करने की योजना पर मंथन करना है।

यह कैसे काम करेगा? 

कंपनी विलय के तहत उज्जीवन एफएसएल के प्रत्येक 10 शेयरों के लिए उज्जीवन एसएफबी के 116 शेयर जारी किए जाएंगे। यह उज्जीवन फाइनेंशियल सर्विसेज पर लंबे समय तक रियायती दर पर उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर खरीदने का अवसर प्रदान करता है।

उज्जीवन फाइनेंशियल सर्विसेज के 5,200 रुपये (520x10) के प्रत्येक शेयर के लिए, उज्जीवन के 6,032 रुपये के शेयर (116x52) जारी किए जाएंगे। ऐसे में यह यह बाजार से सीधे खरीदने की तुलना में उज्जीवन एसएफबी को 15 प्रतिशत सस्ती दर पर खरीदने का अवसर दर्शाता है।

जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु स्थित उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) अपनी होल्डिंग कंपनी उज्जीवन फाइनेंशियल सर्विसेज (यूएफएसएल) के साथ विलय की घोषणा कंपनी ने 14 अक्टूबर 2022 को की थी।

उज्जीवन फाइनेंशियल ने इस महीने की शुरुआत में 8 सितंबर को उज्जीवन एफएसएल और उज्जीवन एसएफबी के बीच एकीकरण की योजना से संबंधित मामलों के लिए राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के साथ बैठक की। उन्हें उक्त विलय के लिए एनसीएलटी की मंजूरी मिल गई। कंपनी 3 नवंबर या ई-वोटिंग अवधि में अपने शेयरधारकों की असाधारण आम बैठक (ईजीएम) बुलाएगी। घरेलू ब्रोकरेज कंपनी एक्सिस सिक्योरिटीज के अनुसार, पूर्व तिथि की घोषणा 3 नवंबर के बाद होने की उम्मीद है।

शेयर होल्डिंग

वर्तमान में, उज्जीवन फाइनेंशियल के पास उज्जीवन एसएफबी की 73 प्रतिशत हिस्सेदारी है और होल्डिंग कंपनी 100 प्रतिशत सार्वजनिक है। रिवर्स मर्जर के बाद, प्रमोटर को संचालन की तारीख से 5 साल की अवधि के भीतर एसएफबी की शेयरधारिता में अपनी हिस्सेदारी को कम करके 40 प्रतिशत तक करना आवश्यक है।

इसके बाद, इसे 10-12 साल की अवधि के साथ 26 प्रतिशत तक कम करने की आवश्यकता होगी। उज्जीवन एसएफबी, जो उज्जीवन फाइनेंशियल की सहायक कंपनी है और एक छोटे वित्त बैंक के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक के साथ पंजीकृत है। वित्तीय रूप से असेवित और अल्पसेवित क्षेत्रों पर ध्यान देने के साथ बैंकिंग व्यवसाय में।

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