नई दिल्लीः स्थानीय शेयर बाजार में आई तेजी के चलते निवेशकों की संपत्ति दो सत्र में 15.80 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और पश्चिम एशिया युद्ध को लेकर तनाव कम होने की उम्मीद से बाजार में सुधार देखा गया। शेयर बाजार में पिछले दो कारोबारी सत्र से तेजी बनी हुई है और इस दौरान बीएसई सेंसेक्स 2,577.06 अंक यानी 3.54 प्रतिशत चढ़ा है। बुधवार को 30 शेयर वाला बीएसई सेंसेक्स 1,205 अंक यानी 1.63 प्रतिशत चढ़कर 75,273.45 अंक पर बंद हुआ।
कच्चे तेल के दाम में नरमी से शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 1,205 अंक चढ़ा
स्थानीय शेयर बाजारों में बुधवार को लगातार दूसरे दिन तेजी रही और बीएसई सेंसेक्स 1,205 अंक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी में 394 अंक की तेजी रही। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद के बीच कच्चे तेल के दाम में कमी और वैश्विक बाजारों में मजबूती के साथ घरेलू शेयर बाजार बढ़त में रहे। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,205 अंक यानी 1.63 प्रतिशत बढ़कर 75,273.45 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,781.31 अंक चढ़कर 75,849.76 अंक पर पहुंच गया था।
मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच चांदी में 11,250 रुपये का उछाल, सोना 4,900 रुपये चढ़ा
मजबूत वैश्विक रुख के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार को बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में पांच प्रतिशत तक की तेजी आई। इस तेजी के कारण चांदी 11,250 रुपये चढ़कर 2.41 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि सोना 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी की कीमत 11,250 रुपये या 4.89 प्रतिशत बढ़कर 2,41,250 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई, जो मंगलवार के बंद भाव 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक है।
मजबूत हाजिर मांग से सोना वायदा कीमतों में 5,091 रुपये तक की तेजी
डॉलर के कमजोर रहने और मजबूत वैश्विक रुख के बीच वायदा कारोबार में बुधवार को सोने की कीमत 5,091 रुपये की तेजी के साथ 1,44,003 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गयी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में अप्रैल माह में आपूर्ति वाले अनुबंध का भाव 5,091 रुपये यानी 3.66 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,44,003 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।
रुपया 29 पैसे टूटकर 94.05 प्रति डॉलर के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर
रुपया बुधवार को 29 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 94.05 (अस्थायी) पर आ गया। विदेशी पूंजी की भारी निकासी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से निवेशक चिंतित हैं। कारोबारियों ने बताया कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, डॉलर के कमजोर रुख और घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक धारणा के बावजूद स्थानीय मुद्रा को कोई राहत नहीं मिल सकी।
कच्चे तेल के वायदा भाव में 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट
युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरन के बीच संभावित वार्ता की खबरों के बीच वायदा कारोबार में बुधवार को कच्चा तेल की कीमत 4 प्रतिशत से भी अधिक की गिरावट के साथ 8,340 रुपये प्रति बैरल रह गयी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चे तेल का अप्रैल माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध 396 रुपये या 4.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,340 रुपये प्रति बैरल रह गया। इसके मई माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध 305 रुपये या 3.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,209 रुपये प्रति बैरल रह गया।