नई दिल्लीः वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को भारी गिरावट आने से निवेशकों के 9.86 लाख करोड़ रुपये डूब गए। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,065.71 अंक यानी 1.28 प्रतिशत फिसलकर 82,180.47 अंक पर बंद हुआ। इसके साथ व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सूचकांक 2.74 प्रतिशत लुढ़क गया जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सूचकांक में 2.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस चौतरफा बिकवाली से बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार मूल्यांकन 9,86,093.96 करोड़ रुपये घटकर 4,55,82,683.29 करोड़ रुपये यानी 5.01 लाख करोड़ डॉलर रह गया। बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 3,503 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई जबकि 780 शेयर चढ़कर बंद हुए और 119 अन्य अपरिवर्तित रहे।
वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने और वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों के बीच मंगलवार को चौतरफा बिकवाली होने से घरेलू शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,066 अंक लुढ़कते हुए 83,000 के नीचे फिसल गया जबकि निफ्टी 353 अंक टूट गया। कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट जारी रहने और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से निवेशकों की धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ा। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,065.71 अंक यानी 1.28 प्रतिशत लुढ़ककर 82,180.47 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान एक समय यह 1,235.6 अंक फिसलकर 82,010.58 अंक तक आ गया था। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 353 अंक यानी 1.38 प्रतिशत गिरकर 25,232.50 अंक पर बंद हुआ। यह घरेलू बाजारों में गिरावट का लगातार दूसरा दिन रहा। सोमवार को सेंसेक्स में 324.17 अंक की कमजोरी आई थी जबकि निफ्टी 108.85 अंक गिरा था।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, "बाजार में गिरावट का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। कमजोर वैश्विक संकेतों और व्यापक बिकवाली से बाजार धारणा कमजोर रही। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और कमजोर रुपये से भी जोखिम लेने से परहेज देखा गया।"
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से इटर्नल में सबसे अधिक 4.02 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद बजाज फाइनेंस का शेयर भी 3.88 प्रतिशत गिर गया। इसके अलावा सन फार्मा, इंटरग्लोब एविएशन (यानी इंडिगो), ट्रेंट, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फिनसर्व के शेयर भी नुकसान में रहे।
एचडीएफसी बैंक सेंसेक्स में शामिल इकलौता ऐसा शेयर रहा, जो बढ़त के साथ बंद हुआ। बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 3,503 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई जबकि 780 शेयर चढ़कर बंद हुए और 119 अन्य अपरिवर्तित रहे। व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सूचकांक 2.74 प्रतिशत लुढ़क गया जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सूचकांक में 2.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
क्षेत्रवार सूचकांकों में रियल्टी खंड में 5.21 प्रतिशत की सर्वाधिक गिरावट देखी गई जबकि सेवा खंड 2.89 प्रतिशत, पूंजीगत उत्पाद खंड 2.76 प्रतिशत और विवेकाधीन उपभोक्ता खंड 2.73 प्रतिशत गिर गया। ऑनलाइन ट्रेडिंग फर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा, "अमेरिकी प्रशासन द्वारा शुल्क को विदेश नीति के एक उपकरण के रूप में आक्रामक और अक्सर अप्रत्याशित तरीके से इस्तेमाल किए जाने से वैश्विक बाजारों में बेचैनी बढ़ी है, जिससे वित्तीय बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।"
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 3,262.82 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 4,234.30 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।
यूरोप के बाजारों में कारोबार के दौरान एक प्रतिशत से अधिक की कमजोरी देखी गई। अमेरिकी बाजार सोमवार को अवकाश के कारण बंद रहे। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 63.91 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर रहा। सोमवार को सेंसेक्स 324.17 अंक गिरकर 83,246.18 अंक और निफ्टी 108.85 अंक फिसलकर 25,585.50 अंक पर बंद हुआ था।