Sensex at 50 thousands: 5 reasons that helped benchmark index cross milestone | सेंसेक्स 50 हजार के पार, जानें किन 5 वजहों से भारत के शेयर बाजार में देखा जा रहा है ऐतिहासिक उछाल
शेयर मार्केट में जानें किन वजहों से आई तेजी (फाइल फोटो)

Highlightsदुनिया भर के निवेशकों ने अमेरिका में नए सरकार के आने के बाद निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई है। अमेरिकी बाजार वैश्विक बाजार को प्रभावित करता है, ऐसे में साफ है कि इसका सकारात्मक असर भारत में भी देखने को मिला।

मुंबई: भारतीयशेयर बाजार में बृहस्पतिवार सुबह को ऐतिहासिक उंचाई को छू लिया है। मिल रही जानकारी के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में तेजी से बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 300 अंक की बढ़त के साथ पहली बार 50,000 अंक के पार निकल गया है। 

सकारात्मक वैश्विक रुख से भी बाजार धारणा मजबूत हुई। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 50,126.73 अंक के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचा। बाद में यह 300.09 अंक या 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 50,092.21 अंक पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 85.40 अंक या 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 14,730.10 अंक पर पहुंच गया। 

ऐसे में आइए जानने का प्रयास करते हैं कि आखिर किन वजहों से शेयर मार्केट में यह तेजी देखी जा रही है। कौन से 5 प्रमुख कारण हैं जिन वजहों से देश के शेयर मार्केट को काफी अधिक फायदा पहुंचा है। 

1. वैश्विक बाजार में उछाल-

अमेरिकी राष्ट्रपति पद पर जो बाइडन के कार्यभार संभालने के बाद से ही गुरुवार को दुनिया भर के घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक वैश्विक संकेत मिलने शुरू हो गए थे। वैश्विक इक्विटी बेंचमार्क ने भी बुधवार को एक उच्च रिकॉर्ड दर्ज किया था, क्योंकि दुनिया भर के निवेशकों ने अमेरिका में नए सरकार के आने के बाद निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई है।

पिछले हफ्ते, बाइडन ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और अमेरिका में कोरोनावायरस टीकों के वितरण को गति देने के लिए $ 1.9 ट्रिलियन प्रोत्साहन पैकेज देने की भी घोषणा की है। इन सभी वजहों से अमेरिकी बाजार में निवेशकों ने भरोसा दिखाया। हम जानते हैं कि अमेरिकी बाजार वैश्विक बाजार को प्रभावित करता है, ऐसे में साफ है कि इसका सकारात्मक असर भारत में भी देखने को मिला।

2. रिलायंस-फ्यूचर ग्रुप डील को मंजूरी

गुरुवार को भारतीय शेयर मार्केट में सेंसेक्स 50,000 अंक के पार पहुंचाने में रिलायंस कंपनी का प्रमुख योगदान रहा है। बात दें कि बाजार नियामक संस्था सेबी द्वारा रिलायंस व फ्यूचर ग्रुप के बीच खुदरा व्यापार के लिए किए जा रहे 24,713 करोड़ रुपये की डील को हरी झंडी मिलते ही रिलायंस के शेयर में लगभग 3 प्रतिशत अधिक बढ़ोतरी देखने को मिला है।

हालांकि सेबी ने इस समझौते के लिए दोनों कंपनियों के बीच कुछ शर्तें रखी हैं। लेकिन, अब साफ हो गया है कि भारत में सबसे बड़े खुदरा व्यापार करने वाली कंपनी फ्यूचर ग्रुप के साथ रिलायंस ने समझौता कर लिया है। इस तरह अब रिलायंस इस बिजनेस में दुनिया की बड़ी कंपनी अमेजन को टक्कर देगा। भारतीय शेयर मार्केट के उछाल में यह दूसरा सबसे अहम कारण है।

3. घरेलू बाजार में सुधार

पिछले कुछ माह से घरेलू शेयर मार्केट में आईटी व बैंकिंग क्षेत्र के शेयर में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। इसके अलावा, भी वित्तीय क्षेत्र की और कई कंपनियों के  शेयरों में उछाल देखने को मिला है।

कोरोना वायरस महामारी के कारण पिछले साल तेज गिरावट के बाद एक बार फिर से पिछले हफ्तों में ऑटो कंपनियों के शेयरों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। लेकिन, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों ने पिछले कुछ महीनों में देश के घरेलू बाजारों में सबसे बड़ी वृद्धि की है। साथ ही लॉकडाउन के बाद एक बार फिर से देश के आर्थिक गतिविधियों में सुधार और वैक्सीन के मोर्चे पर विकास भारतीय शेयरों में तेज रैली के पीछे दो प्रमुख कारण हैं।

4. कंपनियों की कमाई में वृद्धि

जहां पिछले साल महामारी के बाद लगे लॉकडाउन की वजह से घरेलू बाजार की कंपनियों पर संकट के बादल मंडराने लगे थे। वहीं, तीसरी तिमाही के दौरान एक बार फिर से घरेलू कंपनियों में काम धंधा शुरू होने के बाद उनकी शेयरों में तेजी आई।

पिछले कुछ माह में प्रमुख आईटी फर्मों सहित कई कंपनियों ने सकारात्मक ग्रोथ की है और उनके कमाई में काफी वृद्धि हुई है। साथ ही अब अधिकांश कंपनियों में एक बार फिर से बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के साथ अगली तिमाही में बेहतर प्रदर्शन होने की उम्मीद है, ऐसे में शेयर मार्केट में उछाल देखने को मिल रहा है।

5. बजट-2021 से उम्मीदें

बता दें कि केंद्रीय बजट 2021 से ठीक पहले शेयर बाजारों ने इस रिकॉर्ड उच्च स्तर को छुआ है, ऐसे में काफी संभावना है कि बजट से पहले लोगों के बीच एक सरकार व बजट से सकारात्मक अपेक्षा हो जिसकी वजह से लोग निवेश करने में उत्सुकता दिखा रहे हों। हालांकि, विश्लेषकों ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

महामारी की वजह से पिछले साल शेयर मार्केट व बाजार की अपेक्षाएं पूरी नहीं होने के कारण काफी हद तक संभव है कि सरकार इस बार बजट में इन बातों को ध्यान रख बाजार में तेजी के लिए किसी पैकेज का ऐलान कर सकती है। 

Web Title: Sensex at 50 thousands: 5 reasons that helped benchmark index cross milestone

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