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RBI के मौद्रिक नीति के ऐलान के बाद बाजार में भारी गिरावट, सेसेंक्स में 500 अंकों से ज्यादा गिरावट

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: June 6, 2019 14:28 IST

गुरुवार को रिजर्व बैंक ने 2019-20 के लिये जीडीपी वृद्धि दर अनुमान को पहले के 7.2 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत किया। इसके अलावा रिजर्व बैंक ने 2019-20 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) के दौरान मुद्रास्फीति 3-3.10 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया। पिछली समीक्षा में यह अनुमान 2.90-3.0 प्रतिशत का था। 

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ठळक मुद्दे विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा, विदेशी फंडों की निकासी और कच्चे तेल की कीमतें चढ़ने से भारतीय रुपया दबाव दिखाई दिया। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के अनुसार देश की जीडीपी वृद्धि दर जनवरी-मार्च, 2018 तिमाही में 5.8 प्रतिशत रही।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति के नतीजे आने के बाद बाजार में भारी गिरावट हुई है। ये इस हफ्ते की सबसे बड़ी गिरावट है।  6 जून को सेसेंक्स दोपहर 2.30 बजे 39,550.60 पर कारोबार कर रहा है। इसमें करीब 540 अंकों से ज्यादा गिरावट दर्ज हुई है। 

वहीं, निफ्टी 11,873.30 पर चल रहा था, जिसमें 1.23 प्रतिशत की गिरवाट आई। शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा नीति में महंगाई बढ़ने के अनुमान और जीडीपी ग्रोथ में गिरावट के चलते बाजार में धड़ाम हुआ है।

गुरुवार को रिजर्व बैंक ने 2019-20 के लिये जीडीपी वृद्धि दर अनुमान को पहले के 7.2 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत किया। इसके अलावा रिजर्व बैंक ने 2019-20 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) के दौरान मुद्रास्फीति 3-3.10 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया। पिछली समीक्षा में यह अनुमान 2.90-3.0 प्रतिशत का था। 

विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा, विदेशी फंडों की निकासी और कच्चे तेल की कीमतें चढ़ने से भारतीय रुपया दबाव दिखाई दिया। पांच जून को ठंडे कारोबार के बीच डालर के मुकाबले रुपया 69.26 के पिछले स्तर पर बना रहा। रुपया 69.10 रुपये पर मजबूत खुला और एक समय 69.00 रुपये तक मजबूत हो गया था।

रिजर्व बैंक ने 2019-20 के लिये आर्थिक वृद्धि दर अनुमान घटाकर 7 प्रतिशत किया

रिजर्व बैंक ने घरेलू गतिविधियों में नरमी तथा वैश्विक स्तर पर व्यापार युद्ध बढ़ने के मद्देनजर चालू वित्त वर्ष के लिये आर्थिक वृद्धि दर अनुमान को बृहस्पतिवार को कम कर 7 प्रतिशत कर दिया। इससे पहले, अप्रैल में मौद्रिक नीति समिति ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 2019-20 में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। इसमें पहली छमाही में वृद्धि 6.8 से 7.1 तथा दूसरी छमाही में 7.3 से 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था। इसमें जोखिम दोनों तरफ समान रूप से बराबर है।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के अनुसार देश की जीडीपी वृद्धि दर जनवरी-मार्च, 2018 तिमाही में 5.8 प्रतिशत रही। पिछले वित्त वर्ष में सालाना वृद्धि दर भी पांच साल के न्यूनतम स्तर 6.8 प्रतिशत पर पहुंच गयी। (पीटीआई इनपुट के साथ) 

टॅग्स :डॉलरसेंसेक्ससकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी)भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई)
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