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विदेशी बाजारों में तेजी से तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

By भाषा | Updated: December 28, 2021 19:50 IST

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नयी दिल्ली, 28 अगस्त विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को लगभग सभी तेल-तिलहनों के भाव में सुधार आया। सोयाबीन तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर ही बंद हुए।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 3.5 प्रतिशत की तेजी थी, जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में कल रात दो प्रतिशत की तेजी के बाद फिलहाल लगभग 0.4 प्रतिशत का सुधार है।

सूत्रों ने कहा कि खाद्य तेलों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा आयात शुल्क में कमी किये जाने का कोई लाभ नहीं मिलता है, क्योंकि कमी के अनुपात में विदेशों में तेल के दाम बढ़ा दिये जाते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल जिस मात्रा में खाद्य तेलों के आयात के लिए 71,625 करोड़ रुपये खर्च किये गये थे, तेल की उतनी ही मात्रा के आयात के लिए इस साल नवंबर महीने तक लगभग 1,17,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े हैं।

उन्होंने कहा कि बेहतर तो यह होगा कि सरकार ड्यूटी कम करने के बजाय गरीबों को राहत देने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से खाद्य तेल उचित दर पर वितरित करे। इससे खाद्य तेलों पर की गई शुल्क कटौती का लाभ गरीब ग्राहकों को मिलना भी सुनिश्चित होगा।

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन और बिनौला तेल मिल वालों को पेराई करने में नुकसान है क्योंकि इनके तिलहन के भाव महंगे है जबकि उसके मुकाबले आयातित तेल सस्ते में उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि सलोनी शम्साबाद में सरसों दाना का भाव 8,200 रुपये से बढ़ाकर 8,500 रुपये क्विंटल कर दिया गया। सरसों की कम उपलब्धता रहने के बीच यहां कल से अब तक भाव को तीन बार बढ़ाया जा चुका है।

सूत्रों ने कहा कि ताजा बरसात होना सरसों के लिए वरदान है और इस बार इसकी खेती का रकबा अधिक होने से इसकी अगली पैदावार बंपर होने की संभावना है।

सूत्रों ने कहा कि इस बार सरकार की तरफ से सहकारी संस्था हाफेड और नेफेड को अप्रैल-मई में सरसों की लगभग 30 लाख टन की खरीद करते हुए 7-8 लाख टन का स्थायी स्टॉक बनाना चाहिये ताकि आगे समस्या न हो और किसानों को भी अच्छा दाम मिले। नयी सरसों के रिफाइंड बनाने पर भी रोक लगा दी जानी चाहिये।

उन्होंने कहा कि सामान्य कारोबार के बीच सोयाबीन तिलहन और अन्य तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 8,100 - 8,130 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली - 5,750 - 5,835 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 12,750 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,865 - 1,990 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 16,150 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,415 -2,540 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,595 - 2,710 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 16,700 - 18,200 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,920 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,560 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,520

सीपीओ एक्स-कांडला- 10,880 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 11,600 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,300 रुपये।

पामोलिन एक्स- कांडला- 11,200 (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन दाना 6,500 - 6,550, सोयाबीन लूज 6,300 - 6,350 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) 3,850 रुपये।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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