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पेरिस समझौते के तहत निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के रास्ते पर भारत जी-20 में एकमात्र देश: कांत

By भाषा | Updated: October 19, 2021 16:25 IST

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नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने मंगलवार को कहा कि सतत विकास को मुख्यधारा में लाने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में भारत के प्रयासों से दुनिया के अन्य देशों को प्रेरणा मिलनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत एकमात्र जी-20 देश है जो पेरिस समझौते के तहत निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के रास्ते पर है।

‘श्नाइडर इनोवेशन इंडिया’ सम्मेलन, 2021 को ‘ऑनलाइन’ संबोधित करते हुए कांत ने कहा कि भारत ने इलेक्ट्रिक वाहन को तेजी से अपनाये जाने की नीति पेश की है। इससे देश में स्वच्छ वाहन की दिशा में बदलाव को गति मिल रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘सतत विकास को मुख्यधारा में लाने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में भारत के प्रयास दुनिया के अन्य देशों को प्रेरित करने वाले हैं।’’

कांत ने कहा कि जब हम सतत विकास और हरित एवं स्वच्छ भविष्य की बात करते हैं, कोई भी जलवायु परिवर्तन की चुनौती की अनदेखी नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत मौजूदा स्थिति के लिये जिम्मेदार नहीं है। वास्तव में, भारत एकमात्र जी-20 देश है जो कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान को हासिल करने के रास्ते पर है।’’

जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की अंतरसरकारी समिति का 2014 के बाद यह पहला बड़ा वैज्ञानिक आकलन है कि वैश्विक तापमान में वृद्धि आशंका से कहीं अधिक तेज है।

कांत के अनुसार, स्वतंत्र अध्ययनों में यूएनएफसीसी (जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र मसौदा सम्मेलन) क्योटो प्रोटोकॉल के तहत जरूरी कदमों के रूप में भारत के प्रयास को उसके अनुरूप माना गया है। ‘‘वैश्विक स्तर के 14 शोध संस्थानों के एक गठबंधन ने माना है कि भारत जी-20 में एकमात्र देश है, जिसकी नीतियां 1.5 डिग्री सेल्सियस के लक्ष्य के अनुरूप है।’’

पेरिस समझौते के तहत पूर्व-औद्योगिक स्तरों की तुलना में वैश्विक तापमान में वृद्धि को 2 से नीचे, तरजीही रूप से 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने का लक्ष्य है।

कांत ने यह भी कहा कि भारत पहली बार जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक में शीर्ष 10 देशों में शामिल हुआ है।

उन्होंने कहा कि सड़क क्षेत्र की बात की जाए, तो 90 प्रतिशत उत्सर्जन परिवहन क्षेत्र से होता है, भारत तेजी से इलेक्ट्रिक वाहन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

कांत ने कहा कि भारत में स्टार्टअप परिवेश को लेकर 2021 मील का पत्थर है। हर महीने औसतन तीन स्टार्टअप यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर मूल्यांकन वाले) में तब्दील हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इस साल अबतक 26 स्टार्टअप यूनिकार्न क्लब में शामिल हुए हैं। इतना ही नहीं रिकॉर्ड संख्या में आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक निर्गम) जारी हुए हैं। ये चीजें अभूतपूर्व हैं।’’

कांत ने उद्योग के डिजिटल रूपांतरण की जरूरत का भी उल्लेख किया है।

उन्होंने कहा कि वृद्धि को गति देने तथा सतत विकास के लिये कृत्रिम मेधा, मशीन लर्निंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना जरूरी है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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