लाइव न्यूज़ :

GST रिटर्न भरने का नया संस्करण 22 अक्टूबर को होगा जारी, ये है इसके पीछे का मकसद

By भाषा | Updated: October 13, 2019 05:57 IST

जीएसटीएन की जीएसटी के क्रियान्वयन में बड़ी भूमिका है। यह केन्द्र और राज्य सरकारों के करदाताओं और दूसरे पक्षों को जीएसटी के लिये सूचना प्रौद्योगिकी नेटवर्क का ढांचा और जरूरी सुविधायें उपलब्ध कराता है।

Open in App
ठळक मुद्देमाल एवं सेवाकर नेटवर्क (जीएसटीएन) 22 अक्टूबर को जीएसटी रिटर्न भरने के नये संस्करण को जारी करेगा। इसका मकसद रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाना है।जीएसटीएन के सीईओ प्रकाश कुमार ने यहां आईआईटी दिल्ली एल्युमनी एसोसियेसन द्वारा आयोजित संगोष्ठी में कहा, ‘‘जीएसटी रिटर्न भरने के मौजूदा दूसरे संस्करण में कई सुझावों को शामिल कर लिया गया था।

माल एवं सेवाकर नेटवर्क (जीएसटीएन) 22 अक्टूबर को जीएसटी रिटर्न भरने के नये संस्करण को जारी करेगा। इसका मकसद रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाना है। जीएसटीएन के सीईओ प्रकाश कुमार ने यहां आईआईटी दिल्ली एल्युमनी एसोसियेसन द्वारा आयोजित संगोष्ठी में कहा, ‘‘जीएसटी रिटर्न भरने के मौजूदा दूसरे संस्करण में कई सुझावों को शामिल कर लिया गया था। अब तीसरा संस्करण 22 अक्टूबर से आने जा रहा है।’’

जीएसटीएन की जीएसटी के क्रियान्वयन में बड़ी भूमिका है। यह केन्द्र और राज्य सरकारों के करदाताओं और दूसरे पक्षों को जीएसटी के लिये सूचना प्रौद्योगिकी नेटवर्क का ढांचा और जरूरी सुविधायें उपलब्ध कराता है।

कुमार ने कहा कि जीएसटी के लागू होने से अप्रत्यक्ष कर क्षेत्र में जटिलता काफी कम हुई है। जीएसटी के क्रियान्वयन से कारोबारियों द्वारा भरे जाने वाले फार्म की संख्या घटकर मात्र 12 रह गई है। जबकि इससे पहले विभिन्न केन्द्रीय और राज्य कानूनों के तहत 495 फार्म तक भरने होते थे।

उन्होंने कहा कि कि अप्रत्यक्ष कर प्रशासन अब आयकर विभाग के साथ भी आंकड़ों को साझा करता है। इस पहल से कर चोरी को पकड़ने में मदद मिलेगी। वर्तमान में जीएसटी के तहत एक करोड 23 लाख करदाता पंजीकृत हैं।

जीएसटी परिषद के विशेष सचिव राजीव रंजन ने इस अवसर पर कहा कि जीएसटी ने कारोबारियों के लिये कारोबार करने के लिये जरूरी विभिन्न सुविधाओं की लागत को कम किया है। इसके साथ ही नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में विभिन्न वस्तुओं की दर में कमी लाये जाने से दाम कम हुये हैं और मुद्रास्फीति पर अंकुश लगा है। 

टॅग्स :जीएसटी
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारमार्च जीएसटी संग्रहः 8.8% की वृद्धि, 200000 करोड़ रुपये से अधिक कमाई, झमाझम बरसे पैसा?

कारोबारबजट से पहले झोली में झमाझम पैसा?, जनवरी 2026 में जीएसटी कलेक्शन 1.93 लाख करोड़ रुपये से अधिक

स्वास्थ्यतंबाकू और पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर 1 फरवरी से लागू, सिगरेट की लंबाई के आधार पर 2.05 रुपये से 8.50 रुपये प्रति स्टिक तक उत्पाद शुल्क लगाया गया?

कारोबारईंट-भट्टे और पान मसाला पर जीएसटी से यूपी को हर साल 1150 करोड़ रुपए का नुकसान?, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना बोले-कमाई 70 फीसदी कम

कारोबारGST collections in December: नए साल में पैसों की बारिश, दिसंबर में 6.1 प्रतिशत बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारIncome tax filing 2026: इनकम टैक्स पोर्टल में हुए हैं ये बदलाव, इन टिप्स को फॉलो करने से होगी समय और मेहनत की बचत

कारोबारहम घुसपैठियों के खिलाफ हैं, मुसलमानों के नहीं?, नितिन गडकरी ने कहा- असम और पश्चिम बंगाल जीत रहे?

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: तेल संकट का असर या राहत? जानिए 5 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

कारोबारपुणे के विशाल भुजबल हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित