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जीएसटी परिषद की बैठक 28 मई को

By भाषा | Updated: May 15, 2021 17:27 IST

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नयी दिल्ली, 15 मई माल एवं सेवा-कर (जीएसटी) परिषद की सात महीने से ज्यादा समय से बैठक न बुलाए जाने को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच वित्त मंत्रालय परिषद की बैठक 28 मई को बुलाई है।

इसमें कोविड19 संक्रमण के उपचार से जुड़ी औषधियों, आक्सीजन और उपकरणों पर कर की दरों के मुद्दे के साथ साथ राज्यों को राजस्व क्षतिपूर्ति के विषय में भी चर्चा होने की संभावना है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जीएसटी परिषद की 43वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगी। उनके कार्यालय ने ट्विटर पर यह जानकारी दी।

बैठक वीडिया-कांफ्रेंस के जरिए होगी। यह अप्रैल 2021 से प्रारंभ हुए चालू वित्त वर्ष में जीएसटी परिषद की पहली बैठक होगी।

वित्त मंत्री के कार्यालय ने ट्वीट किया, "श्रीमती निर्मला सीतारमण 28 मई, 2021 को सुबह 11 बजे नयी दिल्ली में वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जीएसटी परिषद की 43वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगी। बैठक में राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों के वित्त मंत्रियों और केंद्र तथा राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा वित्त राज्य मंत्री श्री अनुराग ठाकुर भी शामिल होंगे।"

इससे पहले इसी महीने पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा और पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने जीएसटी परिषद की बैठक बुलाने की मांग की थी।इसमें कोविड19 संक्रमण के उपचार से जुड़ी औषधियों, आक्सीजन और उपकरणों पर कर की दरों के मुद्दे के साथ साथ राज्यों को राजस्व क्षतिपूर्ति के विषय में भी चर्चा होने की संभावना है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जीएसटी परिषद की 43वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगी। उनके कार्यालय ने ट्विटर पर यह जानकारी दी।

बैठक वीडिया-कांफ्रेंस के जरिए होगी। यह अप्रैल 2021 से प्रारंभ हुए चालू वित्त वर्ष में जीएसटी परिषद की पहली बैठक होगी।

वित्त मंत्री के कार्यालय ने ट्वीट किया, "श्रीमती निर्मला सीतारमण 28 मई, 2021 को सुबह 11 बजे नयी दिल्ली में वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जीएसटी परिषद की 43वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगी। बैठक में राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों के वित्त मंत्रियों और केंद्र तथा राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा वित्त राज्य मंत्री श्री अनुराग ठाकुर भी शामिल होंगे।"

इससे पहले इसी महीने पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा और पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने जीएसटी परिषद की बैठक बुलाने की मांग की थी।

उत्पाद शुल्क , सेवा कर और वैट जैसे एक दर्जन से ज्यादा केंद्रीय एवं राज्य करों को मिला कर जुलाई 2017 में एक राष्ट्रीय जीएसटी व्यवस्था लागू की गयी । इसमें हर तिमाही में परिषद की कम से कम एक बैठक का प्रावधान है। केंद्र वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाले इस परिषद में सभी राज्यों एवं केंद्रशासित क्षेत्रों के वित्त मंत्री/प्रतिनिधि शामिल होते हैं।

पश्चिमबंगालके मित्रा ने वित्त मंत्री को एक चिट्ठी लिखी थी जिसमें उन्होंने कहा था कि लगातार दो तिमाहियों में परिषद की बैठक न बुलाने से एक ऐसी संघीय संस्था को हल्का किया गया है जिसमें सभी राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। नियमित तौर पर बैठक न करने से विश्वास में कमी भी हो सकती है।

राज्य टीके जैसी आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी खत्म करने की भी मांग कर रहे हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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