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सेनेटरी नैपकिन से वॉशिंग मशीन तक, विस्तार से जानें किन-किन 88 सामानों पर टैक्स हुआ कम

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: July 22, 2018 06:19 IST

अनुमान है कि दरों में इन संशोधनों और कटौतियों से सरकारी खजाने पर सालाना 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली प्रभावित होगी।  जीएसटी परिषद की अगली बैठक 4 अगस्त को होनी है। 

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नई दिल्ली , 22 जुलाई:  जीएसटी परिषद ने सैनेटरी नैपकिन को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से छूट देने की एक साल से चल रही मांग को पूरा किया। इसके साथ ही जीएसटी के बारे में निर्णय करने वाले इस सर्वोच्च निकाय ने 88 वस्तुओं पर कर की दरें कम की हैं। तो आइए विस्तार से जानें कि आखिर किन चीजों पर जीएसटी कम की गई है...

- जिनमें टीवी , फ्रिज वॉशिंग मशीन तथा बिजली से चलने वाले कुछ घरेलू उपकरण और अन्य उत्पाद शामिल हैं। 

- परिषद ने 28 प्रतिशत की उच्चतम दर के तहत आने वाली वस्तुओं की सूची और तर्कसंगत बनाया है तथा परफ्यूम , सौंदर्य प्रसाधन , टॉयलेट का सामान , छोटे टीवी , पानी गर्म करने वाला हीटर , बिजली से चलने वाली इस्त्री (आयरनिंग) मशीन , रेफ्रिजरेटर , लीथियम आयन बैटरी , मिक्सर ग्राइंडर , बाल सुखाने वाले उपकरण (हेयर ड्रायर) दाढ़ी बनाने की मशीन , वैक्यूम क्लीनर पर कर की दर 28 से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी है। संशोधित कर की दरें 27 जुलाई से लागू होंगी। 

- वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने यहां जीएसटी परिषद की 28 वीं बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सैनेटरी पैड से जीएसटी कर की दर को 12 प्रतिशत से कम करके शून्य कर दिया गया है। इसके साथ पौष्टिक तत्व मिश्रित दूध पर भी जीएसटी खत्म कर दिया गया है। अभी तक इस पर 18 प्रतिशत की दर से कर लगता है।

- बिना नग वाली राखी को भी जीएसटी से छूट दे दी गयी है। वित्त मंत्री ने कहा , " आज यह भी तय किया गया है कि जीएसटी परिषद राजस्व के विचार से भी आगे बढ़कर रोजगार सृजन और आर्थिक वृद्धि को तेज करने पर अधिक ध्यान देगी। " 

-एथनॉल पर अभी 18 प्रतिशत का कर लगता है , जिसे घटाकर पांच प्रतिशत करने का फैसला किया गया है। गोयल ने कहा ," जीएसटी परिषद ने कई उत्पादों पर कर में कटौती की है। राखी को जीएसटी से छूट दी गयी है , एथनॉल पर कर को 5 प्रतिशत किया गया और दस्तकारी के छोटे सामानों को कर से छूट दी गयी है। " 

- बिना नग वाली राखी के अलावा पत्थर , लकड़ी , संगमरमर की मूर्तियों , फूलझाड़ू , साल की पत्तियों को भी जीएसटी से मुक्त कर दिया गया है। 

- एक हजार रुपये मूल्य तक के जूते - चप्पल पर अब 5 प्रतिशत का कर लगेगा। पहले यह रियायती दर केवल 500 रुपये मूल्य के जूते - चप्पल पर लागू थी। 

- ई - बुक की आपूर्ति पर कर की दर 18 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गयी है।

 - परिषद ने सेवा क्षेत्र की इकाइयों की सुविधा के लिये भी कुछ निर्णय किये हैं। होटलों के कमरों पर अब जीएसटी उनकी घोषित किराये के बजाये वास्तविक रूप से वसूले गये किराये पर लगेगा। अभी 7,500 रुपये से अधिक के कमरों पर 28 प्रतिशत और 2,500 से 7,500 रुपये के बीच के कमरों पर 18 प्रतिशत और 1,000 से 2,500 रुपये के बीच की दर के कमरों पर 12 प्रतिशत की दर से लगाया जाता है। 

गोयल ने कहा कि जीएसटी की नई दरें 27 जुलाई से लागू की जायेंगी। जीएसटी परिषद ने छोटे कारोबारियों की सुविधा के लिये फैसला किया है कि सालाना पांच करोड़ रुपये से नीचे के कारोबार करने वाले तिमाही रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इस फैसले से 93 प्रतिशत इकाइयों को सुविधा होगी। 

तिमाही रिटर्न भी मासिक रिटर्न के जैसा ही भरना पड़ेगा। इसमें बी 2 सी (व्यवसायी से उपभोक्ताओं को बिक्री) और बी 2 बी (व्यावसायिक इकाई से व्यवसायिक इकाई को आपूर्ति)+ बी 2 सी कारोबार करने वाली छोटी इकाइयों के लिये दो साधारण रिटर्न फॉर्म ' सहज ' और ' सुगम ' तैयार किये गये हैं।

वित्त मंत्री ने बताया कि परिषद ने रिवर्स चार्ज व्यवस्था पर अमल को और एक साल (30 सितंबर 2019 तक) के लिये स्थगित कर दिया है। परिषद ने फैसला किया है कि बिहार के उप - मु्ख्यमंत्री सुशील मोदी के नेतृत्व में समिति रुपे कार्ड और बीमा एप के माध्यम से डिजीटल भुगतान को बढ़ावा देने के तरीके सुझाएगी। 

गोयल ने बताया कि व्यवसायियों को जीएसटी में पंजीकरण कराने के लिये 31 अगस्त तक का एक और मौका दिया जायेगा और उन पर दंड शुल्क माफ कर दिया जायेगा। अनुमान है कि दरों में इन संशोधनों और कटौतियों से सरकारी खजाने पर सालाना 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली प्रभावित होगी।  जीएसटी परिषद की अगली बैठक 4 अगस्त को होनी है। 

( भाषा इनपुट)

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