देशी उपचार में विश्वास करते और जरूरत पड़ने पर देंगे एलोपैथिक दवा?, बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दी राजस्व कर्मियों को चेतावनी

By एस पी सिन्हा | Updated: January 7, 2026 17:01 IST2026-01-07T16:59:49+5:302026-01-07T17:01:09+5:30

विजय सिन्हा ने कहा कि दाखिल-खारिज से जुड़े मामले में इस वित्तीय वर्ष में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन दर कार्यकाल के प्रारंभ में 75.30 प्रतिशत था जो वर्तमान में बढ़ कर 82 प्रतिशत हो गया है।

Bihar Deputy Chief Minister Vijay Kumar Sinha warns revenue officials Do you believe indigenous treatment you provide allopathic medicine if needed | देशी उपचार में विश्वास करते और जरूरत पड़ने पर देंगे एलोपैथिक दवा?, बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दी राजस्व कर्मियों को चेतावनी

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Highlightsपरिमार्जन हो या दाखिल-ख़ारिज से जुड़े मामले, इसके निष्पादन में रिकॉर्ड तेजी है।वित्तीय वर्ष में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन दर कार्यकाल के प्रारंभ में 65.16 प्रतिशत था।लंबित मामलों के संख्या में भी 1150 से अधिक की कमी आई है।

पटनाः बिहार के उप मुख्यमंत्री सह भूमि राजस्व विभाग के मंत्री पद संभालने के बाद से विजय कुमार सिन्हा की सक्रियता का व्यापक असर देखा जा रहा है। अपने विभाग के कामों को जन हितैषी बनाने के लिए उनके द्वारा लगातार विभिन्न जिलों का दौरा कर ऑन-स्पॉट निपटान की दिशा में कई अहम निर्देश दे रहे हैं। इसका असर भी देखने को मिला है। मीडिया के समक्ष बुधवार को उन्होंने अपने विभाग का कम्पेडियम जारी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि परिमार्जन हो या दाखिल-ख़ारिज से जुड़े मामले, इसके निष्पादन में रिकॉर्ड तेजी है।

विजय सिन्हा ने कहा कि दाखिल-खारिज से जुड़े मामले में इस वित्तीय वर्ष में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन दर कार्यकाल के प्रारंभ में 75.30 प्रतिशत था जो वर्तमान में बढ़ कर 82 प्रतिशत हो गया है। लंबित मामलों के संख्या में भी 30 हजार से अधिक की कमी आई है। इसी तरह परिमार्जन में इस वित्तीय वर्ष में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन दर कार्यकाल के प्रारंभ में 65.16 प्रतिशत था।

जो वर्तमान में बढ़ कर 74.41 प्रतिशत हो गया है। अब लंबित मामलों के संख्या में भी 90 हजार से अधिक की कमी आई है। वहीं जमीन मापी में कुल प्राप्त आवेदनों का निष्पादन दर कार्यकाल के प्रारंभ में 81.77 प्रतिशत था जो वर्तमान में बढ़ कर 82.22 प्रतिशत हो गया है। लंबित मामलों के संख्या में भी 1150 से अधिक की कमी आई है।

उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालय (दाखिल-खारिज अपील, बीएलडीआरए, दाखिल-खारिज पुनरीक्षण, जमाबंदी रद्दीकरण के मामलें) में कुल प्राप्त आवेदनों का निष्पादन दर कार्यकाल के प्रारंभ में 51.73 प्रतिशत था जो वर्तमान में बढ़ कर 54 प्रतिशत हो गया है। लंबित मामलों के संख्या में भी 4655 से अधिक की कमी आई है।

विजय सिन्हा ने अंचल स्तर पर आम लोगों को होने वाली परेशानी पर विशेष ध्यान देने की बात करते हुए कहा कि कोई भी अधिकारी इस भ्रम में नहीं रहे कि एक बार हमारा (विजय सिन्हा) जिला में दौरा हो गया तो काम खत्म हो गया बल्कि अंचल तक मॉनिटरिंग की जा रही है।

अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जो नहीं सुधरेंगे उन्हें सुधारने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वे देशी उपचार में भी विश्वास करते हैं और जरूरत पड़ने पर एलोपैथ की भी व्यवस्था करते हैं।

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