लाइव न्यूज़ :

चेहरे की पहचान करने वाले कैमरे, पूरे शरीर की जांच करने के लिए स्कैनर, सामान की रिमोट व्यूइंग और डिजी यात्रा आधारित प्रवेश?, दिल्ली, मुंबई, गोवा, बेंगलुरु और कोचीन पर विशेष पहल?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 19, 2026 23:20 IST

सीआईएसएफ, यात्रियों की भीड़ को कम करने और टर्मिनलों के अंदर संदिग्धों पर नजर रखने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) और कंप्यूटर एनालिटिक्स का भी उपयोग कर रही है।

Open in App
ठळक मुद्देयात्रियों की तलाशी के लिए इनका पूर्ण उपयोग शुरू होने में बस कुछ ही समय लगेगा। सॉफ्टवेयर तलाशी कतारों में लगने वाले प्रतीक्षा समय को कम करने में सहायक है। हवाई अड्डों के संचालकों को नई तकनीक को शामिल करने के लिए जगह उपलब्ध कराने की सलाह दे रही है।

नई दिल्लीः भारतीय हवाई अड्डों पर यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए चेहरे की पहचान करने वाले कैमरे, पूरे शरीर की जांच करने के लिए स्कैनर, यात्रियों के सामान की रिमोट व्यूइंग और डिजी यात्रा आधारित प्रवेश जैसी आधुनिक तकनीकें अपनाई जा रही हैं। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने सोमवार को यह जानकारी दी। सीआईएसएफ, यात्रियों की भीड़ को कम करने और टर्मिनलों के अंदर संदिग्धों पर नजर रखने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) और कंप्यूटर एनालिटिक्स का भी उपयोग कर रही है।

सीआईएसएफ के महानिदेशक (डीजी) प्रवीर रंजन ने यहां एक प्रेस वार्ता में पत्रकारों को बताया कि दिल्ली, मुंबई, गोवा, बेंगलुरु और कोचीन जैसे हवाई अड्डों पर पूरे शरीर की जांच करने वाले स्कैनर लगाए जा चुके हैं लेकिन यात्रियों की तलाशी के लिए इनका पूर्ण उपयोग शुरू होने में बस कुछ ही समय लगेगा।

अधिकारी ने बताया कि इन हवाई अड्डों पर लगे स्कैनर परीक्षण के अधीन हैं और विशेषकर गैर-धातु संबंधी खतरों या शरीर पर छिपाए जा सकने वाले उपकरणों के खिलाफ संतोषजनक परिणाम दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि ये स्कैनर किसी व्यक्ति के शरीर की सटीक आकृति नहीं दिखाते बल्कि मॉनिटर पर केवल एक टेम्पलेट संरचना प्रदर्शित करते हैं इसलिए, गोपनीयता का मुद्दा भी हल हो जाता है।

अधिकारी ने बताया कि नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) की मंजूरी मिलते ही इन स्कैनर का उपयोग शुरू कर दिया जाएगा। सीआईएसएफ की अतिरिक्त एडीजी (हवाई अड्डे) बिनिता ठाकुर के साथ मौजूद रंजन ने बताया कि कई हवाई अड्डों पर चेहरे की पहचान प्रणाली (एफआरए) वाले कैमरों ने भी काम करना शुरू कर दिया है।

महानिदेशक ने बताया, “भारतीय हवाई अड्डों पर प्रौद्योगिकी का समावेश अच्छी और तेज गति से हो रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों के लिए निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करना है।” उन्होंने बताया कि दिल्ली हवाई अड्डे पर सुरक्षा बल द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा एक सॉफ्टवेयर तलाशी कतारों में लगने वाले प्रतीक्षा समय को कम करने में सहायक है।

ठाकुर ने बताया कि ‘डिजी यात्रा’ आधारित प्रवेश प्रणाली वर्तमान में देश के 29 नागरिक हवाई अड्डों पर उपलब्ध है और चार अन्य हवाई अड्डों पर इसे शुरू किया जाना बाकी है। महानिदेशक ने बताया कि सीआईएसएफ नवनिर्मित हवाई अड्डों के संचालकों को नई तकनीक को शामिल करने के लिए जगह उपलब्ध कराने की सलाह दे रही है,

साथ ही उन्होंने व्यस्त समय में हवाई अड्डों पर भीड़ कम करने और सुरक्षा मंजूरी में लगने वाले समय को कम करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय को कई नए तकनीकी उपकरणों की ‘सिफारिश’ भी की है। सीआईएसएफ ने देश के 70 से अधिक नागरिक हवाई अड्डों को आतंकवादी हमलों के खतरे से बचाने के लिए लगभग 70,000 कर्मियों को तैनात किया है।

टॅग्स :दिल्लीCISFAirports Authority of IndiaDGCA
Open in App

संबंधित खबरें

भारतजो डर गया, समझो मर गया?, सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर निशाना साधा, कहा- केजरीवाल गिरफ्तार हुए तो विदेश में छिपा?

भारतस्वाति मालीवाल के बाद राघव चड्ढा पर गाज?, आखिर क्यों केजरीवाल के खास लोग छोड़ रहे साथ?

कारोबारविमान ईंधन की कीमत बढ़ाकर रिकॉर्ड 2,07,341.22 रुपये प्रति किली, जानें जेब पर असर

भारतएचएस फूलका ने आप को दिया झटका, बीजेपी में शामिल

भारतवीर विक्रम यादव नए DGCA प्रमुख नियुक्त, फैज़ अहमद किदवई DoPT में स्थानांतरित

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारपाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 458.40, केरोसिन दाम 457.80 और डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर?

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: बड़े शहरों में क्या है आज का रेट, यहां देखें पूरी लिस्ट

कारोबारBank Holiday Today: घर से निकलने से पहले चेक कर लें बैंक हॉलिडे लिस्ट, बस एक क्लिक से जानें आज बैंक बंद या खुले?

कारोबारसंसद ने जन विश्वास विधेयक 2026 पारित, 717 अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया, जुर्माने की राशि 1 करोड़ रुपये?

कारोबारTDS Rules Change 2026: सीनियर सिटीजन्स के लिए अब जरूरी हुआ नया फॉर्म, जानें क्या है खास