लाइव न्यूज़ :

हाथरस केसः अभिनेत्री को ‘वाई-प्लस’ सुरक्षा, शिवसेना ने कहा- रेप पीड़िता के परिजनों को क्यों नहीं, केंद्र सरकार दे जवाब

By भाषा | Updated: October 6, 2020 16:47 IST

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में कहा गया है कि हाथरस पीड़िता के परिवार को ‘जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, वे डर में जी रहे हैं। कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद पीड़िता की मौत हो गई थी।

Open in App
ठळक मुद्देरवैया डॉक्टर बी आर आंबेडकर के संविधान में सबके साथ समान व्यवहार के सिद्धांत से मेल नहीं खाता है। सामना में पूछा गया है कि अगर पीड़ित परिवार के लिए वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा मांगी गई है तो इसमें गलत क्या है।अभिनेत्री कंगना रनौत को वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी, क्योंकि एक विवाद के बाद उन्होंने कहा था कि उन्हें मुंबई पुलिस से डर लगता है।

मुंबईः शिवसेना ने मंगलवार को पूछा कि जब केंद्र सरकार मुंबई की एक अभिनेत्री को ‘वाई-प्लस’ सुरक्षा दे सकती है तो हाथरस की दलित पीड़िता के परिवार को क्यों सुरक्षा नहीं मुहैया कराई जा सकती है।

यह रवैया डॉक्टर बी आर आंबेडकर के संविधान में सबके साथ समान व्यवहार के सिद्धांत से मेल नहीं खाता है। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में कहा गया है कि हाथरस पीड़िता के परिवार को ‘जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, वे डर में जी रहे हैं। कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद पीड़िता की मौत हो गई थी।

सामना में पूछा गया है कि अगर पीड़ित परिवार के लिए वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा मांगी गई है तो इसमें गलत क्या है। पिछले महीने अभिनेत्री कंगना रनौत को वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी, क्योंकि एक विवाद के बाद उन्होंने कहा था कि उन्हें मुंबई पुलिस से डर लगता है।

सामना में कहा गया, ‘‘ केंद्र सरकार ने मुंबई की एक अभिनेत्री को वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी, लेकिन हाथरस सामूहिक-दुष्कर्म की पीड़िता के परिवार को कोई सुरक्षा नहीं मिली। यह समान न्याय के सिद्धांत से मेल नहीं खाता है। यह डॉक्टर आंबेडकर के संविधान के तहत न्याय नहीं है।’’

सामना में कहा गया, ‘‘ हाथरस कांड ने आडंबर रचने वाले कई लोगों के चेहरे से नकाब हटा दिया।’’ सामना में कहा गया कि उत्तर प्रदेश सरकार की सीबीआई जांच की सिफारिश पर भी सवाल खड़े होते हैं क्योंकि पीड़िता के परिवार ने इस संबंध में न्यायिक जांच की मांग की है। हाथरस मामले में सीबीआई जांच पर आश्चर्य जताते हुए संपादकीय में आरोप लगाया गया है कि उप्र सरकार ने पीड़िता का अंतिम संस्कार करके ‘सबूतों को नष्ट’ कर दिया है। सामना में आरोप लगाया गया है, ‘‘ क्या हाथरस की पुलिस ने ऊपर से बिना पूछे ही ऐसा कर दिया? यह सब सहमति से किया गया है।’’

सामना में कहा गया है कि जिन लोगों ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में महाराष्ट्र को ‘बदनाम’ करने की कोशिश की, वह हाथरस प्रकरण की वजह से खुद ही अपने खोदे गए गड्ढे में गिर गए हैं। मराठी भाषा में प्रकाशित अखबार के संपादकीय में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश मंत्री परिषद के सभी मंत्रियों को हाथरस पीड़िता के परिवार से मिलना चाहिए। संपादकीय में कहा गया है कि अगर सरकार चीजों को छुपाने में नहीं लगती तो स्थिति इतनी खराब नहीं होती और अब बोलने का क्या फायदा है?

टॅग्स :शिव सेनासंजय राउतकंगना रनौतभारत सरकारबृहन्मुंबई महानगरपालिका
Open in App

संबंधित खबरें

भारतNew BMC Commissioner: BMC की पहली महिला आयुक्त बनीं अश्विनी भिड़े, जानें कौन हैं 1995 बैच की ये IAS अफसर

भारतआपके घर में क्या-क्या है?, जनगणना के पहले चरण के लिए 33 प्रश्न जारी, लिव-इन में रहने वाले 2 लोग एक-दूसरे को अपना मानते हैं तो दंपति के समान?

कारोबारमार्च 2027 तक 10000000 घरों को सौर ऊर्जा लक्ष्य?, पीएम मोदी ने कहा- शहर चाहे बड़ा हो या छोटा, बदलाव दिख रहा, बड़ी संख्या में घरों की छतों पर सौलर पैनल

भारतसोचें सोचने वाले, हम भी बड़े दिलवाले!, सुनने वालों के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं?

भारतरेलवे में आजीवन फ्री सफर, प्रथम श्रेणी/2 एसी/एसी चेयर कार में एक साथी के साथ निःशुल्क यात्रा करेंगे वीरता पुरस्कार विजेता

बॉलीवुड चुस्की अधिक खबरें

बॉलीवुड चुस्कीआदित्य धर ने संतोष कुमार आरएस को भेजा नोटिस, कुमार ने दावा किया था कि 'धुरंधर 2' के मेकर्स ने उनकी कहानी को किया है कॉपी

बॉलीवुड चुस्कीरिलीज के 20 साल बाद?, रैपर यो यो हनी सिंह और बादशाह के 'अश्लील और अपमानजनक' गाने को हटाने का निर्देश, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा-‘अंतरात्मा पूरी तरह से झकझोर’ दी?

बॉलीवुड चुस्की13 दिन में 1435 करोड़! धुरंधर 2 बनी चौथी सबसे बड़ी फिल्म, RRR को पछाड़कर रच दिया इतिहास

बॉलीवुड चुस्कीRamayana: रणबीर कपूर की 'रामायण' का टीजर, इमोशनल हुए फैंस

बॉलीवुड चुस्कीआज का इतिहासः देश-दुनिया में 30 मार्च की तारीख, महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा?