नई दिल्लीः यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी 2 के विजेता एल्विश यादव पर नवंबर 2023 में उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक रेव पार्टी में सांप के जहर के कथित इस्तेमाल का मामला दर्ज किया गया था और मार्च 2024 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा 2023 में दर्ज की गई एफआईआर और उसके बाद की कार्यवाही को रद्द कर दिया। उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक रेव पार्टी में कथित रूप से सांप के विष का इस्तेमाल करने के आरोप में 2023 में गिरफ्तार किए गए यूट्यूबर एल्विश यादव के खिलाफ प्राथमिकी और उसके बाद की सभी कार्यवाहियों को बृहस्पतिवार को रद्द कर दिया और कहा कि यह मामला कानून के तहत कहीं नहीं टिकता।
न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि वह अपने विचार को दो विशिष्ट प्रश्नों तक सीमित रख रही है - स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 की धारा 2(23) की प्रयोज्यता और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 55 के तहत कार्यवाही की वैधता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एल्विश यादव ने ढाई साल तक उत्पीड़न का जिक्र किया।
उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक लंबा वीडियो साझा किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा सांप के जहर मामले की एफआईआर रद्द किए जाने का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा न्यायपालिका पर भरोसा रहा है और उन्होंने शुरू से ही अपनी बेगुनाही का दावा किया है। उन्होंने न्याय को बरकरार रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट का आभार व्यक्त किया और कहा कि न्याय हमेशा निर्दोषों के लिए ही होता है।
एल्विश ने कहा, "आज से 2 साल पहले, 17 मार्च 2024, जो गिरफ्तार हुआ था मेरे ऊपर इस झूठे केस में... मैं तभी से कह रहा था कि मैंने कुछ नहीं किया। नवंबर 2023 में केस रजिस्टर हुआ, तब से मैं कह रहा हूं कि मैंने कुछ नहीं किया। पर मीडिया वालों ने न्यूज चलाई की - 'एल्विश यादव ने ये कर दिया, वो कर दिया,'...इतनी उत्पीड़न का सामना किया मैंने।'
यादव ने कहा कि उनकी प्रतिष्ठा धूमिल हो गई और उन्हें तथा उनके परिवार को अत्यधिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि किसी और को ऐसा नहीं सहना पड़ेगा, और अब, वर्षों बाद, सत्यमेव जयते में, उन्होंने जीत हासिल की है, जो उनके लिए एक बहुत बड़ा दिन है।