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अप्रवासियों को भगाने के लिए साम, दाम, दंड, भेद सब अपना रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प

By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: December 25, 2025 05:37 IST

लोगों को कह रहे हैं कि बस एक एप्प डाउनलोड करिए और बाकी काम होम डिपार्टमेंट करेगा.

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ठळक मुद्देट्रम्प ने इस राशि को 3000 डॉलर कर दिया है. साथ में वापसी का टिकट मुफ्त. ट्रम्प इसे क्रिसमस ऑफर कह रहे हैं.

अमेरिका से अप्रवासियों को निकालने के लिए किसी भी सीमा तक जाने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अब एक नई चाल चली है. इसी साल अप्रैल में ट्रम्प ने अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे लोगों को प्रलोभन दिया कि यदि वे स्वेच्छा से अपने देश लौटना चाहते हैं तो उन्हें 1000 डॉलर और वापस लौटने का टिकट दिया जाएगा. स्वाभाविक है कि इतनी कम राशि किसी को भी लुभा नहीं रही थी.

तो अब ट्रम्प ने इस राशि को 3000 डॉलर कर दिया है. साथ में वापसी का टिकट मुफ्त. ट्रम्प इसे क्रिसमस ऑफर कह रहे हैं. वे लोगों को कह रहे हैं कि बस एक एप्प डाउनलोड करिए और बाकी काम होम डिपार्टमेंट करेगा. यह देखना दिलचस्प होगा कि कितने लोगों को यह ऑफर लुभाता है. संभव है कि जिन लोगों को लग रहा है कि वे किसी भी कीमत पर खुद को अमेरिका में छिपा नहीं पाएंगे,

वही इसका लाभ उठाएंगे और जिन्हें जरा सा भी भरोसा होगा कि ट्रम्प की पुलिस उन्हें ढूंढ़ नहीं पाएगी, वे तो कभी भी एप्प डाउनलोड नहीं करेंगे. इस ऑफर को स्वीकार करने के लिए इस साल के अंत तक का समय दिया गया है. ट्रम्प चाहते हैं कि अमेरिका से कम से कम डेढ़ करोड़ लोगों को निर्वासित किया जाए. अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने निर्वासन के मुद्दे को प्राथमिकता दी थी.

राष्ट्रपति चुने जाने के बाद उन्होंने अवैध रूप से रहने वालों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया तेज की है.  गिरफ्तारियों की संख्या दोगुनी हो गई है. एक आंकड़ा यह भी है कि हिरासत में रखे गए लोगों की संख्या में पच्चीस प्रतिशत से ज्यादा का उछाला आया है. अकेले 2024 में ही करीब तीन लाख लोगों को निर्वासित किया जा चुका है.

इसमें कोई संदेह नहीं कि ट्रम्प जो भी कर रहे हैं, वह कानूनी रूप से भले ही सही हो लेकिन उन्होंने जो तरीका अपनाया हैै, उसकी व्यापक आलोचना होती रही है. उदाहरण के लिए उन्होंने जिन भारतीयों को जबरन वापस भेजा, उनके हाथोें में हथकड़ियां लगी हुई थीं. इस बात के लिए भारत सरकार की भी आलोचना हुई कि उसने भारतीयों के साथ दुर्व्यवहार कैसे बर्दाश्त किया?

दरअसल हमारी दिक्कत यह है कि बहुत से लोग अवैध रूप से अमेरिका जाकर बसने की होड़ मे शामिल हैं. कई सारे अंतरराष्ट्रीय गैंग इसमें लोगों का सहयोग करते हैं और हम कुछ नहीं कर पाते. कई तो रास्ते में मर-खप जाते हैं और जो गंतव्य तक पहुंच जाते हैं, वे भी कोई अच्छी हालत में नहीं रहते हैं. इसके बावजूद अमेरिका जाने की लत कम नहीं हो रही है.

पंजाब से तो हजारों लोग इस मामले में ठगी के भी शिकार हो चुके हैं. लोगों को समझना चाहिए कि अमेरिका में जिंदगी आसान नहीं है. अब तो वहां ट्रम्प भी बैठे हैं जिन्होंने ऐसे लोगों के लिए हथकड़ियां तैयार कर रखी हैं. अब देखना यह हैै कि हथकड़ियों से बचने के लिए कितने लोग ट्रम्प के क्रिसमस ऑफर को स्वीकार करते हैं. 

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