US Strikes Venezuela: दुनिया के लिए बने शांति दूत ने किए वेनेजुएला पर हमले
By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: January 5, 2026 06:01 IST2026-01-05T06:01:40+5:302026-01-05T06:01:40+5:30
US Strikes Venezuela Live: हमले से अमेरिका का सुरक्षा और समृद्धि के लिहाज से फायदा बताते हुए उससे वेनेजुएला के लोगों का भी लाभ बताया. साफ है कि यह हमला अमेरिकी सरकार की सोची-समझी तैयारी का परिणाम था.

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US Strikes Venezuela Live: लगभग एक साल पहले अमेरिकी राष्ट्रपति का पद संभालने वाले डोनाल्ड ट्रम्प दुनिया में शांति स्थापित करने वाले नेता बनते-बनते अब दूसरे देशों पर दादागीरी का नया इतिहास लिखने जा रहे हैं. उन्होंने सीरिया, नाइजीरिया, ईरान, यमन और सोमालिया जैसे अनेक देशों को किसी न किसी कारण से निशाना बनाया. दूसरी ओर रूस, चीन तथा भारत को शांति का संदेश दिया. उन्होंने वेनेजुएला पर ताजा हमलों के बाद स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी कथनी के विपरीत दुनियाभर में सैन्य ताकत इस्तेमाल करने को तैयार हैं.
कुछ यही कारण है कि अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ नई कार्रवाई को अमेरिका का शानदार रूप बता रहे हैं. हालांकि वह आगे का हाल वेनेजुएला के लोगों के हाथ में देने के लिए कह रहे हैं. उन्होंने हमले से अमेरिका का सुरक्षा और समृद्धि के लिहाज से फायदा बताते हुए उससे वेनेजुएला के लोगों का भी लाभ बताया. साफ है कि यह हमला अमेरिकी सरकार की सोची-समझी तैयारी का परिणाम था.
उसे वेनेजुएला के बाहरी कारण जो भी बताने हों, लेकिन आंतरिक रूप से उसकी नजर वहां के तेल भंडारों पर लगातार बनी हुई है. यही नहीं, ईरान-इराक से लेकर अरब देशों तक, अमेरिका दुनिया की कच्चे तेल से जुड़ी अर्थव्यवस्था को अपने कब्जे में लेना चाहता है. वह रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता तो चाहता है, लेकिन रूसी तेल को दुनिया तक नहीं पहुंचने देना चाहता.
वह भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के बाद शांति स्थापना में खुद को श्रेय देता है, लेकिन उसे रूस का भारत को तेल बेचना जरा भी अच्छा नहीं लगता. वैसे खुद को शांति का मसीहा बताकर नोबल पुरस्कार की उम्मीद रखने वाले राष्ट्रपति ट्रम्प नए घटनाक्रम से अपने ही देश में आलोचना के शिकार हैं. भले ही उनके मंत्री उनकी तारीफ के कसीदे क्यों न कस रहे हों.
भारत ने वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त कर सभी मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिए और शांतिपूर्ण तरीके से करने की इच्छा व्यक्त की है, जिससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे. परंतु यह साफ हो चला है कि ट्रम्प के दौर में अमेरिकी प्रशासन की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है. वह अमेरिका के हितों के नाम पर वैश्विक स्तर पर अशांति को अंजाम दे सकता है.
वह नई अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के नाम पर व्यापार, क्षेत्र और संसाधनों की सुरक्षा बताकर दुनिया को डर के साये में जीने के लिए मजबूर कर सकता है. अब ध्यान देने योग्य यही होगा कि नए घटनाक्रम से दशकों से उथल-पुथल में रहने वाला वेनेजुएला महान कैसे बनाया जाएगा या यह केवल अमेरिकी दावा ही बना रहेगा.
अमेरिका से जुड़े पिछले अनुभव तो अशांत देशों को उनके हाल पर छोड़ने के दिखे हैं. वे आज भी उसी हाल में हैं, जैसे वे हमलों के पहले थे. फिलहाल यह दुनिया के लिए चिंता का विषय है और कुछ बिगड़े देशों को बेवजह शह मिलने का भी अवसर है.