लाइव न्यूज़ :

रेल यात्रा: पीछे छूटते पुराने दिन 

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: September 17, 2018 07:53 IST

बस में चढ़ने को आतुर भीड़ के बीच कई लोग बस की खिड़की से सीट पर अपना रूमाल डाल देते थे और यह तरीका आश्चर्यजनक रूप से सफल था।

Open in App

-संतोष देसाईअखबारों की रिपोर्ट के अनुसार रेलवे आरक्षण चार्ट अब इतिहास बन गए हैं। और भारतीयों की पूरी पीढ़ी के लिए रेल यात्र का अर्थ बदल गया है। जिस रेल यात्र को हम जानते थे, वह कदम-दर-कदम बदलती जा रही है।

हम अपनी चाय और कॉफी थर्मस फ्लास्क में लेकर चलते हैं। कुल्हड़ चाय अब स्मृतियों में ही बस कर रह गई है और ‘चाय गरम’ की आवाज कहीं सुदूर अतीत में गूंजती मालूम होती है। यात्र की शुरुआत की छाप छोड़ने वाले स्टीम इंजन अब नहीं हैं। स्टेशनों में लगने वाले एस्केलेटर्स एक प्लेटफार्म से दूसरे पर जाने के लिए ओवरब्रिज पर होने वाली भागदौड़ को अनावश्यक बनाते जा रहे हैं। बोतल बंद पानी ने हर स्टेशन पर ट्रेन पहुंचते ही नलों पर पानी के लिए लगने वाली जोखिम भरी होड़ को गैरजरूरी बना दिया है। आधुनिक तकनीकों की वजह से शौचालयों से रेलवे ट्रैक पर होने वाली गंदगी भी अब इतिहास की बात बनती जा रही है।

रेलवे आरक्षण के चार्ट पुराने दिनों में हाथ से लिखे जाते थे और उसमें अपना नाम तलाश करना कम चुनौती भरा नहीं था। टाइपराइटर के आगमन के साथ आरक्षण चार्ट के क्षेत्र में एक लंबी छलांग लगी, हालांकि उसमें गलत टाइप हुए नामों को हाथ से लिखकर दुरुस्त किया जाता था और उसमें होने वाली त्रुटियां यात्रियों के बीच कई बार विवाद का कारण बनती थीं। तब बर्थ आरक्षित करवाना भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं था। बसों में आरक्षण का तरीका तब दिलचस्प था।

बस में चढ़ने को आतुर भीड़ के बीच कई लोग बस की खिड़की से सीट पर अपना रूमाल डाल देते थे और यह तरीका आश्चर्यजनक रूप से सफल था। वही यात्री जो बस में चढ़ने के लिए एक-दूसरे को ठेलते थे, कुहनियों का वीरतापूर्वक इस्तेमाल करते थे, सीट पर रखी किसी की रूमाल के आधिपत्य को इस तरह स्वीकार कर लेते थे जैसे वह किसी के वैध कब्जे की निशानी हो। ट्रेनों में बर्थ आरक्षित करवाना तब आज के बटन पर एक क्लिक करने जैसा आसान नहीं था। विविधताओं से भरी रेल यात्र में तकनीक नित नए परिवर्तन ला रही है और अब पुराने दिन स्मृतियों में सिमटते जा रहे हैं।(संतोष देसाई एक जाने-माने स्तंभकार हैं। वह विज्ञापन की दुनिया में खासी पैठ रखते है।)

टॅग्स :भारतीय रेल
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेVIRAL VIDEO: जब ट्रेन में जवानों के लिए 'देवदूत' बना टीटीई, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दिल जीतने वाला पल

भारततीन मेमू ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनें प्रभावित, बालाघाट-इतवारी मेमू पटरी से उतरी, कामठी और कलमना के बीच हादसा

ज़रा हटकेचलती ट्रेन से उतरने की कोशिश, पटरी पर फिसला यात्री, 'भगवान' बनकर टीटीई ने बचा ली जान?, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल?

भारतरेलवे में आजीवन फ्री सफर, प्रथम श्रेणी/2 एसी/एसी चेयर कार में एक साथी के साथ निःशुल्क यात्रा करेंगे वीरता पुरस्कार विजेता

भारतसावधान! ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल किया तो डूबेगा पूरा पैसा, रेलवे का नया नियम लागू

मुसाफ़िर अधिक खबरें

कारोबारAmrit Bharat Express Ticket Price: अमृत ​​भारत एक्सप्रेस सेवा जल्द, टिकट की कीमत जानें, भारतीय रेलवे की नई ट्रेन में यात्रा करने में कितना खर्च आएगा, सभी डिटेल

मुसाफ़िरघूमने-फिरने का आपको भी है शौक तो लीजिए जॉय राइडर्स का साथ, कम और किफायती दाम में करें राइड बुक

मुसाफ़िरTravel in Summer: पेश है! बीच लवरों के लिए भारत के 5 सबसे अच्छे और सस्ते Beach Spot, जीवन में एक बार यहां जरूर करें सफर

मुसाफ़िरTravel In Summers: गर्मी में शिमला घूमने का बना रहे हैं प्लान, तो इन 4 जगहों को जरूर करें एक्सप्लोर

मुसाफ़िरकम बजट में विदेश घुमना है, तो ये 8 देश हैं घूमने के लिए सबसे सस्ते