लाइव न्यूज़ :

चुनाव प्रचार के लिए पार्टियों की नई तिकड़म, जवाबदेह कौन?

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: July 7, 2018 20:47 IST

आगामी विधानसभा चुनाव में होने वाले प्रचार की भव्यता का सबसे ताज़ा नमूना है देश के प्रधानसेवक नरेंद्र मोदी की जयपुर रैली। इसके पहले कि राज्य की राजधानी में होने वाली रैली का प्रभाव समझा जाए, इस रैली के प्रबंधन के लिए हो क्या-क्या रहा है, यह समझना ज़रूरी है?

Open in App

राजस्थान विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और इस बीच राजनीतिक दलों के प्रचार का बिगुल कब बज गया पता ही नहीं चला? लड़ाई देश के दो सबसे बड़े दलों के बीच है शायद इसलिए प्रचार गम्भीरता से लिया भी जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों के लिये आगामी विधानसभा चुनाव कितने महत्वपूर्ण हैं यह प्रचार की भव्यता से ही समझा जा सकता है।

आगामी विधानसभा चुनाव में होने वाले प्रचार की भव्यता का सबसे ताज़ा नमूना है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जयपुर रैली। इसके पहले कि राज्य की राजधानी में होने वाली रैली का प्रभाव समझा जाए, इस रैली के प्रबंधन के लिए हो क्या-क्या रहा है, यह समझना ज़रूरी है?

राजस्थान सरकार के सामान्य प्रशासन (ग्रुप – 2) विभाग द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार प्रधानमंत्री 2.5 लाख ऐसे लोगों से मिलेंगे जिन्हें राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसके लिये राज्य के लगभग हर ज़िले से पांच हज़ार लोग बुलाए जायेंगे जिसके लिए जिलाधिकारियों को आदेश दिया जा चुका है। इतने लोगों को जयपुर तक बुलाने के लिए राज्य सरकार 7 करोड़ 23 लाख रुपये खर्च करेगी और उनके रुकने व जलपान का खर्च इससे अलग है।

इसके अलावा प्रधानसेवक पांच लोगों से कुछ देर तक बात करेंगे जिन्हें राजस्थान सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा होगा। इस पर विपक्ष का कहना है कि वह पांच लोग बीजेपी के ही नुमाइंदे हैं। लेकिन खर्च और संसाधान के अलावा भी इस रैली में एक बात ऐसी है जिस पर कम ही लोगों का ध्यान हैं ‘इंटरनेट शट डाउन’। रैली के दौरान जयपुर के आस पास के इलाकों में इंटरनेट की सुविधा बंद रहेगी। आज के समय में जब आधार  नंबर, पैन नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस जैसी ज़रूरी चीज़ें पब्लिक डोमेन और इंटरनेट पर हैं और भुगतान और लेन-देन जैसे ज़रूरी काम इनके सहारे होते हैं उसके बाद इंटरनेट बंद होने से आम जनता का कितना नुकसान होता है इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

Indian Council for Research on International Economic Relation (ICRIER) की रिपोर्ट के अनुसार साल 2012-17 के बीच कुल 16,315 घंटे इंटरनेट सुविधा बंद की गई। जिससे देश की अर्थव्यवस्था को 21 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

आम तौर पर ऐसा देखा जाता है कि सरकार इंटरनेट तभी बंद करती है जब किसी क्षेत्र का माहौल खराब होता है या किसी अफवाह से समाज का माहौल बिगड़ने के आसार होते हैं। कुछ साल पहले तक इंटरनेट धारा 144 के तहत बंद किया जाता है लेकिन बीते साल सरकार इसके लिए एक नियम लेकर आई। जिसे शट डाउन नियम (shut down rules) कहा जाता है लेकिन कुछ सालों से ऐसा देखा जा रहा है कि सरकार ने ऐसे मौकों पर भी इंटरनेट बंद किया है जहां इसकी ज़रूरत भी नहीं थी।

बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व चुनाव प्रचार को हमेशा गंभीरता से लेता है और प्रचार के लिए भारी भरकम राशि की ज़रूरत पड़ती है। अब सवाल बनता है कि यह भारी भरकम राशि आती कहां से है? प्रधानसेवक की जयपुर रैली की बात की जाए तो राज्य के अनेक जिलों से लोगों को बुलाने के लिए सात करोड़ रुपये सीधे तौर पर खर्च हो रहे हैं। इसके बाद उनके रहने और खाने के खर्चा का कोई उल्लेख नहीं है। इन सब के अलावा पोस्टर, बैनर, स्थान, मंच जैसी कई चीज़ों में भी खर्च होता है लेकिन इन सबका स्रोत क्या है?

बीजेपी ही नहीं बल्कि विपक्ष के हालात भी अलग नहीं हैं, उनकी जनसभाओं और रैलियों में भी करोड़ों खर्च होते है। उनकी सभाओं में भी भीड़ आती है तो उस भीड़ का खर्च कैसे उठाया जाता होगा? यह सवाल उठना ज़रूरी है। जितनी गंभीरता से चुनाव के पहले खर्चे होते हैं क्या वैसे ही चुनाव के बाद भी होते हैं?

* ये लेख वैभव शुक्ला ने लिखा है जो लोकमत न्यूज के साथ इंटर्न कर रहे हैं।

टॅग्स :विधानसभा चुनावभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)इंडियन नेशनल काँग्रेस
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारविधानसभा चुनाव 2025-26ः 12 राज्य और 1.68 लाख करोड़ रुपये खर्च, महिलाओं को नकद सहायता देने की योजना, फ्री-फ्री में हो सकता...

भारतकेवल डिजिटल फौज खड़ी करने से क्या होगा?, कितनी बड़ी होगी और कैसे काम करेगी?

राजनीतिबिहार विधानसभा चुनावः बगहा सीट पर बीजेपी की हैट्रिक लगाएंगे रुपेश पाण्डेय?

भारत4 राज्यों की 5 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के मतदान शुरू, जानें कौन आगे, कौन पीछे

भारतबेतिया विधानसभा सीटः कांग्रेस गढ़ पर भाजपा का कब्जा?, जानिए समीकरण और मतदाता संख्या, कौन मारेगा बाजी

राजनीति अधिक खबरें

राजनीतिDUSU Election 2025: आर्यन मान को हरियाणा-दिल्ली की खाप पंचायतों ने दिया समर्थन

राजनीतिबिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलीं पाखी हेगड़े, भाजपा में शामिल होने की अटकलें

राजनीतिBihar voter revision: वोटरों की सही स्थिति का पता चलेगा, SIR को लेकर रूपेश पाण्डेय ने कहा

राजनीतिगोवा विधानसभा बजट सत्रः 304 करोड़ की 'बिना टेंडर' परियोजनाओं पर बवाल, विपक्ष का हंगामा

राजनीतिमहामंडलेश्वर संजनानंद गिरी ने लिया जम्मू-कश्मीर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से आगामी चतुष्पथ यात्रा पर समर्थन