भारत में महानगरों में विकास तो बहुत तेजी से हो रहा है, लेकिन बुनियादी ढांचे को नजरंदाज किया जा रहा है. महानगरों के विकास में आसपास के गांवों को मिलाया जा रहा है, लेकिन गांवों को शहर के सीवेज सिस्टम से जोड़ने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
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जंगल या पेड़ वातावरण में कार्बन की मात्रा को संतुलित करने भर का काम करते हैं, वे न तो कार्बन को संचित करते हैं और न ही उसका निराकरण। दो दशक पहले कनाडा में यह सिद्ध हो चुका था कि वहां के जंगल उल्टे कार्बन उत्सर्जित कर रहे थे।
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काशी में जन्मे भारतेन्दु हरिश्चन्द्र (1850-1885) को आधुनिक हिन्दी का उन्नायक कहा जाता है। उनके काल को हिन्दी साहित्य में भारतेन्दु युग कहा जाता है। आज 9 सितम्बर को उनकी जयंती है।
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आंकड़े झूठ नहीं बोलते यह बात सच है लेकिन ये भी एक सच्चाई है कि केवल आंकड़ों से हकीकत को नहीं समझा जा सकता है. कई बार सही आंकड़ों को पेश करने के तरीके से पूरी बात बदल जाती है.
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चीन हमेशा से पड़ोसी देशों से भारत के संबंध बिगाड़ने के लिए सैनिक सहायता वाला हथियार अपनाता रहा है, ताकि उन देशों के जरिये भारतीय सीमावर्ती इलाकों में अलगाववादी हिंसा भड़काई जाए.
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मंगलवार को भारत सरकार ने नाक से दी जाने वाली कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल की अनुमति दे दी। चार हजार लोगों पर परीक्षण के बाद भारत बायोटेक द्वारा तैयार की गई इस वैक्सीन को इस्तेमाल की अनुमति मिल गई।
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भारत का पूरे दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा व्यापार इस समय बांग्लादेश के साथ है. पिछले साल आपसी व्यापार सिर्फ 10.78 बिलियन डॉलर का था. इस साल यह 18.13 बिलियन डॉलर का हो गया है.
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म्यांमार में दमन के बाद करीब एक दशक में रोहिंग्या भारत, नेपाल, बांग्लादेश, थाईलैंड, इंडोनेशिया, पाकिस्तान समेत 18 देशों में पहुंच गए हैं. भारत में इनको लेकर कई तरह की दिक्कतें पेश आ रही हैं.
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निजी सहायक कांग्रेस पार्टी में राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा रहे हैं और मुख्यमंत्रियों, कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने इसके साथ रहना सीख लिया था.
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विपक्षी दलों को नब्बे के दशक की मानसिकता से बाहर आना होगा. उन्हें पहले यह समझना चाहिए कि राज्यों के चुनाव में भाजपा को हराने भर से वे लोकसभा की जीत के दावेदार नहीं बन जाते.
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