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सोनाली बेंद्रे की तरह कहीं आप भी मेटास्टेटिक कैंसर से पीड़ित तो नहीं?

By उस्मान | Updated: July 6, 2018 13:50 IST

कैंसर के कुछ मामलों लक्षण दिखाई देते हैं जबकि कई मामलों में लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। यही वजह है कि एक्सपर्ट और डॉक्टर नियमित रूप से जांच कराने की सलाह देते हैं।

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बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे कैंसर से जूझ रही हैं। वे न्यूयार्क में अपना इलाज करवा रही हैं। उन्होंने बताया है कि उन्हें हाईग्रेड कैंसर है। लगातार होने वाले दर्द के बाद सोनाली ने अपनी जांच करवाई जिसके बाद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई। उन्होंने लिखा है कि तुरंत एक्शन लेने के आलावा इस बीमारी से लड़ने का कोई बेहतर तरीका नहीं हो सकता था। कैंसर के जानलेवा बीमारी है। कैंसर के कुछ मामलों लक्षण दिखाई देते हैं जबकि कई मामलों में लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। यही वजह है कि एक्सपर्ट और डॉक्टर नियमित रूप से जांच कराने की सलाह देते हैं। कैंसर स्पेशलिस्ट आरके चौधरी के अनुसार इस रोग से जुड़े कुछ लक्षण हैं जिनका आपको ध्यान रखना चाहिए और गड़बड़ महसूस होने पर तुरंत इलाज कराना चाहिए।

मेटास्टेटिक कैंसर क्या है?

जब कैंसर सेल्स जहां उनका गठन होता है यानी प्राइमरी स्पॉट से अलग हो जाती हैं और लिम्फ सिस्टम या ब्लड के जरिए अन्य हिस्सों में फैलती हैं, तो इसे मेटास्टेटिक कैंसर के रूप में जाना जाता है। कैंसर सेल्स शरीर के अन्य हिस्सों में ट्यूमर बनाती हैं, जिन्हें मेटास्टेटिक ट्यूमर के रूप में जाना जाता है। हालांकि प्राइमरी और मेटास्टैटिक कैंसर नेचर में समान हैं। अक्सर, कैंसर के कई रूपों के चौथे चरण में एक मेटास्टैटिक होता है। मेटास्टैटिक एक गंभीर चरण है क्योंकि इसका मतलब है कि कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैलाने के लिए मजबूत है। मेटास्टैटिक कैंसर कैंसर के प्राइमरी रूप के समान होता है। उदाहरण के लिए, यदि ब्रेस्ट कैंसर फेफड़ों में फैलता है, तो इसे मेटास्टेटिक ब्रेस्ट कैंसर कहा जाएगा लंग्स का कैंसर नहीं। मेटास्टैटिक कैंसर का उपचार चरण IV ब्रेस्ट कैंसर की तरह होगा। क्योंकि कैंसर प्रकृति में समान हो सकते हैं, डॉक्टर अक्सर कैंसर के प्राइमरी स्पॉट का पता लगाने में असफल हो सकते हैं। इस तरह के निदान को कैंसर ऑफ अननोन प्राइमरी (सीयूपी) के  रूप में जाना जाता है। 

मेटास्टैटिक कैंसर के लक्षण

- कैंसर के हड्डी में फैलने से दर्द और फ्रैक्चर होना। - ब्रेन में कैंसर फैलने से सिरदर्द, दौरे, या चक्कर आना।- फेफड़ों में कैंसर फैलने से सांस में कमी महसूस होना। - लीवर में कैंसर फैलने से पीलिया और पेट में सूजन होना।

ऐसे फैलता है कैंसर

- कैंसर पास मौजूद टिश्यू में फैलता है।- यह पास स्थित लिम्फ नोड्स या रक्त धमनियों की दीवारों के माध्यम से आगे बढ़ता है।- कैंसर लिम्फैटिक सिस्टम और रक्त धमनियों के अंदर से शरीर के दूसरे हिस्सों में पहुंचता है।- दूर स्थित छोटी रक्त धमनियों में रूककर, रक्त धमनियों की दीवारों पर हमलाकर पास के टिश्यू में चला जाता है।- इसके बाद छोटे ट्यूमर बनने लगते हैं।- इसके बाद नए रक्त धमनियां बनती हैं जो इस हिस्से में खून पहुंचाती हैं और ट्यूमर बढ़ने लगता है।- अधिकतर कैंसर फैलाने वाले सेल किसी बिंदु पर खत्म हो जाते हैं, लेकिन जब कैंसर के पक्ष में शरीर काम करता है तो कुछ सेल्स नए ट्यूमर बनाने लगते हैं।- मेटास्टेटिक कैंसर सेल्स किसी दूर जगह पर कई साल तक निष्क्रिय पड़े रह सकते हैं और फिर से पनपना शुरू हो सकते हैं।

कैंसर किन अंगों में फैलता है?

कैंसर इंसानी शरीर के किसी भी हिस्से में फैल सकता है, हालांकि कैंसर के प्रकार के अनुसार अधिकतर ये किसी अंग विशेष को गिरफ्त में लेते हैं। हड्डियों, लिवर, और फेंफड़े ऐसे अंग हैं जहां सबसे अधिक कैंसर का खतरा है। इनके अलावा मेटास्टेटिक कैंसर होने का खतरा इन अंगों में सबसे अधिक है।

ब्लेडर- हड्डी, लिवर, फेंफड़ेब्रेस्ट- हड्डी, दिमाग, लिवर, फेंफड़ेकोलोन- लिवर, फेंफडे, आंतों की उपरी झिल्लीकिडनी- गुर्दों से जुड़ी ग्रंथी, हड्डी, दिमाग, लिवर, फेंफड़ेफेंफड़े- गुर्दों से जुड़ी ग्रंथी, हड्डी, दिमाग, लिवर, फेंफड़ेमेलानोमा- हड्डी, दिमाग, लिवर, फेंफडे, त्वचा, मसलओवरी- लिवर, फेंफडे, आंतों की उपरी झिल्लीपैंक्रियाज- लिवर, फेंफडे, आंतों की उपरी झिल्लीप्रोस्टेट- लिवर, फेंफडे, आंतों की उपरी झिल्लीरेक्टल- लिवर, फेंफडे, आंतों की उपरी झिल्लीपेट- लिवर, फेंफडे, आंतों की उपरी झिल्लीथॉयराइड- हड्डी, लिवर, फेंफड़ेयूटेरस- लिवर, फेंफडे, आंतों की उपरी झिल्ली, वैजाइना 

(फोटो- पिक्साबे) 

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