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Maharashtra electricity problem: राहत देने वाला है सस्ती बिजली का आश्वासन?, 25 साल का खाका तैयार...

By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: December 27, 2024 05:26 IST

Maharashtra electricity problem: सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत गरीबों को दिए जाने वाले मकानों में सौर ऊर्जा सुविधा उपलब्ध कराने की योजना भी बना रही है ताकि गरीबों को दिए जाने वाले मकानों का बिजली का बिल न आए.

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ठळक मुद्देमुख्यमंत्री की ओर से मिला यह आश्वासन राहत देने वाला है.कमीशन ने बिजली के दामों में 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी. जीवन बिजली से चलने वाली चीजों पर निर्भर है.

Maharashtra electricity problem: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने राज्य के ऊर्जा क्षेत्र के लिए अगले 25 साल का खाका तैयार किया है, इससे राज्य को बिजली की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है. बताया गया है कि उद्योगों के साथ-साथ सभी को सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी. संभावना है कि राज्य में अगले दो-तीन साल में बिजली की दरें कम होंगी. राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत गरीबों को दिए जाने वाले मकानों में सौर ऊर्जा सुविधा उपलब्ध कराने की योजना भी बना रही है ताकि गरीबों को दिए जाने वाले मकानों का बिजली का बिल न आए.

मुख्यमंत्री की ओर से मिला यह आश्वासन राहत देने वाला है. क्योंकि अभी कुछ महीने पहले ही महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने बिजली के दामों में 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी. इससे आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ा है. बिजली आधुनिक युग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. आज हमारा अधिकांश जीवन बिजली से चलने वाली चीजों पर निर्भर है.

हमारे घरों को रोशन करने से लेकर तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाने में बिजली महत्वपूर्ण है. आधुनिक समाज जीवन के लगभग सभी पहलुओं में बिजली का उपयोग करते हैं. परिवहन बिजली द्वारा संचालित होता है, उत्पादन इस पर बहुत अधिक निर्भर करता है. बिजली की अनुपस्थिति से जीवन की कल्पना करना कठिन है.

बिजली न हो तो शायद मानव की तकनीकी प्रगति थम जाए. हमारी अर्थव्यवस्था में बिजली के महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता. यह ठीक है कि सरकार के प्रयासों से नागरिकों को आज नहीं तो कल सस्ते दरों पर बिजली उपलब्ध हो भी जाए लेकिन बिजली  की बचत करना भी हर नागरिक का कर्तव्य है. ऐसा करके हम अपनी गाढ़ी कमाई को बचा सकते हैं.

हर किसी को इस बात से अवगत रहना चाहिए कि हम तक जो बिजली पहुंच रही है उसके बनने से लेकर घरों-दुकानों और उद्यमों तक पहुंचने के बीच हमारे देश के बहुत सारे संसाधन खर्च होते हैं. हमारे देश में बिजली का उत्पादन तकरीबन 70 प्रतिशत पारंपरिक ऊर्जा के स्रोत पर निर्भर है और ऊर्जा के ये स्रोत बहुत ही सीमित हैं.

ये स्रोत देश की धरोहर हैं जिन पर केवल हमारा ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भी अधिकार है. एनर्जी सेवर उपकरणों में निवेश करना आपकी बिजली की खपत को कम करने का सबसे प्रभावशाली तरीका है. एलईडी तकनीक जैसे अधिक कुशल विकल्पों को अपनाने से इस क्षेत्र में ऊर्जा का उपयोग सीमित हो गया है. सभी को इस विकल्प को अपनाना चाहिए.

इसके अलावा सोलर पैनल स्थापित करने से भी आपका बिजली बिल काफी कम हो सकता है. हालांकि शुरुआती निवेश खर्चीला लग सकता है, लेकिन लंबे समय में ऊर्जा लागत कम करने का यह एक अच्छा विकल्प है. बिजली की बर्बादी का सीधा मतलब है अपने देश के संसाधनों की बर्बादी करना. इसलिए सरकार की ओर से सस्ती या मुफ्त में बिजली की आस करने के साथ-साथ सभी नागरिकों को बिजली बचाने में भी योगदान देना चाहिए. 

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