नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनते ही बिहार में तेज सियासी हलचल?, पोस्टर में लिखा- “हे जनेश्वर, नीतीश सेवक मांगे निशांत, पूछता बिहार-आप जैसा कौन देगा सुरक्षा गारंटी और पूरा साथ?
वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
जहां तक इमरान का सवाल है, वे क्या बोल पाएंगे? चीन के अलावा किस देश ने उनकी आवाज में आवाज मिलाई है? अन्य देशों की बात जाने दीजिए, एक भी इस्लामी देश ने पाकिस्तान की पीठ नहीं ठोंकी. वे संयुक्त राष्ट्र जाने के पहले सऊदी अरब जा रहे हैं. वह खुद आजकल बेहद प ...
ईरान ने अमेरिका से कह दिया है कि ईरान से 2000 किमी तक के किसी भी अमेरिकी सैनिक ठिकाने को उड़ाने की पूरी क्षमता ईरानी फौजों में है. रूस और चीन ने अमेरिका से सावधानी बरतने का अनुरोध किया है और भारत ने सऊदी अरब पर हुए आक्रमण को आतंकवादी वारदात कहा है. ...
क्या अमित शाह हिंदीभाषी हैं? नहीं हैं. वे ओवैसी, कुमारस्वामी, वाइको और ममता बनर्जी की तरह गैर-हिंदीभाषी हैं. उनकी मातृभाषा हिंदी नहीं, गुजराती है. इसलिए जो आरोप सेठ गोविंददास, डॉ. लोहिया पर पचास-साठ साल पहले लगाए जाते थे, वे अमित शाह पर नहीं लगाए जा ...
आजकल कई टीवी चैनलों और अखबारों में कई बार ऐसे वाक्य सुनने और पढ़ने में आते हैं, जिनमें अंग्रेजी के शब्दों के बिना वे वाक्य पूरे ही नहीं होते. अंग्रेजी शब्द जबर्दस्ती ठूंस दिए जाते हैं. ...
सैकड़ों ट्रकों की आवाजाही से फैलनेवाला प्रदूषण भी रु केगा. इस पाइपलाइन के फायदे दोनों देशों को पता थे, इसलिए जिसे 30 महीने में बनना था, वह 75 महीने में ही बनकर तैयार हो गई. ...
देश के वंचितों और गरीबों को, वे चाहे किसी भी जाति के हों, न सिर्फ 70-80 प्रतिशत आरक्षण शिक्षा में दिया जाना चाहिए बल्कि उनके भोजन, वस्त्न और निवास की समुचित व्यवस्था भी सरकार और समाज को करनी चाहिए. ...
इन सफल कामों का श्रेय इस सरकार को जरूर दिया जाना चाहिए. लेकिन आर्थिक मोर्चे पर इसकी गिरावट इतनी तेज है कि यदि अगले कुछ माह में वह नहीं संभली तो ऊपर गिनाई गई उपलब्धियों पर पानी फिरते देर नहीं लगेगी. ...