वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
अफगानिस्तान संकट के दौर में घिरा है लेकिन अमेरिका ने उसे उसके हालात पर छोड़ने का फैसला किया है. ऐसा ही कुछ 1975 में भी हुआ था जब अमेरिका दक्षिण वियतनाम को उत्तर वियतनाम के भरोसे छोड़कर भागा था. ...
भारत ने आजादी के इतने वर्षों में कई उपलब्धियों को हासिल किया. ये भी अहम बात है कि भारत का लोकतंत्र आज भी सुरक्षित है. भारत ने उन्नति भी की है लेकिन इसका समान लाभ सभी को नहीं मिल सका है. ...
भारतीय राजनीति में आपराधिक पृष्ठभूमि के नेताओं के सक्रिय रहने की बात नई नहीं है। इसे रोकने को लेकर कई बार पहले भी बातें होती रही हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का आदेश महत्वपूर्ण है। ...
विज्ञान भवन के एक समारोह में उन्होंने कहा कि भारत के पुलिस थानों में गिरफ्तार लोगों के साथ जैसी बदसलूकी की जाती है, वह न्याय नहीं, अन्याय है. वह न्याय का अपमान है. गरीब आदमी भी इस न्याय व्यवस्था का हिस्सा है . ...
बीटेक की परीक्षाओं में छात्रगण हिंदी, मराठी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, गुजराती, मलयालम, बांग्ला, असमिया, पंजाबी और उड़िया माध्यम से इंजीनियरिंग की शिक्षा ले सकेंगे. ...
लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है और उनकी बात हर हाल में सुनी जानी चाहिए। गुजरात उच्च न्यायालय की ओर से एक मामले में आई टिप्पणी एक बार फिर इसी की तस्दीक करती है। ...