वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
संयुक्त राष्ट्र में भी दोनों देशों के प्रवक्ता एक-दूसरे का विरोध करने से बाज नहीं आते। अमेरिका को डर है कि चीन उसे विश्व-बाजार में कहीं मात न दे दे। उसका सस्ता और सुलभ माल उसे अमेरिका के मुकाबले बड़ा विश्व-व्यापारी न बना दे। ...
ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका. इसकी 13 वीं बैठक का अध्यक्ष इस बार भारत है लेकिन ब्रिक्स की इस बैठक में अफगानिस्तान पर वैसी ही लीपा-पोती हुई, जैसी कि सुरक्षा परिषद में हुई थी. ...
पिछले सात साल के आंकड़े देखें तो छात्नों, शिक्षकों, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की संख्या में अपूर्व बढ़ोत्तरी हुई है. इस वृद्धि का श्रेय सरकार लेना चाहे तो उसे जरूर मिलना चाहिए लेकिन असली सवाल यह है कि क्या हमारी शिक्षा नीति में जो मूल-परिवर ...
ई-फास्टिंग अभियान सबसे ज्यादा हमारे देश के नौजवानों के लिए लाभदायक है. हमारे बहुत-से नौजवानों को मैंने खुद देखा है कि वे रोजाना कई घंटे अपने फोन या कम्म्यूटर से चिपके रहते हैं. ...
उत्तर केरल के पलक्कड़ जिले में मातूर गांव पंचायत ने एक अनूठी पहल के तहत अपने कार्यालय परिसर में ‘सर’ और ‘मैडम’ जैसे औपनिवेशिक काल के आदरसूचक शब्दों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है. ...