वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
हम महाशक्तियों की तरह सुरक्षा परिषद में घुसने के लिए बेताब हैं लेकिन पहले उनकी भाषाओं के बराबर रुतबा तो हम हासिल करें। यह सराहनीय है कि अटलजी और नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण हिंदी में दिए। ...
चुनाव आयोग ने इन चुनावों की घोषणा करते हुए बड़ी सावधानियों का परिचय दिया है। उसने अभी एक हफ्ते के लिए रैलियों, प्रदर्शनों, सभाओं, जत्थों आदि पर प्रतिबंध लगा दिया है लेकिन मुझे लगता है कि यह प्रतिबंध आगे भी बढ़ेगा। ...
दुनिया के समृद्ध और विकसित राष्ट्रों की तुलना भारत से करें तो हमें मालूम पड़ेगा कि वे राष्ट्र वैतनिक छुट्टियां कम से कम देते हैं। अमेरिका में 11, ब्रिटेन में 8, चीन में 7, यूरोप में 8 या 10, जापान में 16, मलेशिया में 19 और ईरान में 27 और नार्वे में स ...
पिछले 6-7 दशकों में परमाणु अप्रसार और परमाणु-नियंत्रण के बारे में कई संधियां और समझौते होते रहे हैं लेकिन आज तक भी कोई ऐसा समझौता नहीं हुआ है, जिसके तहत सभी परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र अपने परमाणु हथियारों को खत्म करने या तेजी से घटाने की कोशिश करते। ...
अंग्रेजी तथा अन्य विदेशी भाषाओं की एच्छिक पढ़ाई जरूर हो लेकिन भारतीय भाषाओं के जरिये देश के उच्चतम पदों तक पहुंचने की पूर्ण सुविधा होनी चाहिए। हिंदी अपने आप आ जाएगी. जो हिंदी नहीं सीखेंगे, वे अपने प्रांत के बाहर जाकर क्या करेंगे? वे अपना नुकसान खुद क ...