वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
आपको बता दें कि ऋषि सुनक ने ब्रिटेन की लंगड़ाती हुई अर्थव्यवस्था को अपने पांव पर खड़े करने की जो घोषणा की थी, उसका मूल आधार था- टैक्स में भारी कटौती। ऐसे में बड़े-बड़े पूंजीपति तो इस टैक्स-कटौती से खुश हुए थे लेकिन आम लोग परेशान होने लगे थे। ...
अंग्रेजी हटाओ का अर्थ अंग्रेजी मिटाओ बिल्कुल नहीं है. इसका एक मतलब है कि अंग्रेजी की अनिवार्यता हर जगह से हटानी चाहिए और दूसरा ये कि विदेश नीति, विदेश व्यापार और अनुसंधान के लिए हमें केवल अंग्रेजी पर निर्भर न रहना पड़े. ...
आपको बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान पूरे पाक में घूम-घूमकर वे सभाएं और प्रदर्शन आयोजित कर रहे हैं। जिस फौजी नाराजगी के कारण इमरान की सरकार गिरी थी, वह फौज भी तटस्थ दिखाई पड़ रही है। ...
यह जो अनुवाद हुआ है, उसे म.प्र. के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य-शिक्षा मंत्री यदि हिंदी के कुछ विद्वानों को पहले दिखवा लेते तो ठीक रहता लेकिन यह भी सराहनीय है कि अंग्रेजी की पढ़ाई में डूबे हुए डॉक्टरों ने कुछ न कुछ पहल इतने कम समय में कर ही डाली है। ...
ऐलोपैथी सिर्फ शरीर का इलाज करती थी लेकिन आयुर्वेद का वैद्य जब दवा देता है तो वह मरीज के शरीर, मन, मस्तिष्क और आत्मा का भी ख्याल करता है. आयुर्वेद का नाड़ी-विज्ञान आज भी इतना गजब का है. ...
गृह मंत्री के तौर पर राजभाषा को बढ़ाने के लिए अमित शाह के उत्साह की मैं तहे-दिल से दाद देता हूं। म.प्र. की चौहान सरकार ने देश के करोड़ों गरीबों, ग्रामीणों और पिछड़ों के बच्चों की प्रगति का मार्ग खोल दिया है। जहां तक अ-हिंदीभाषी प्रांतों का प्रश्न है, ...
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने एक पुस्तक का विमोचन करते हुए भारत में ‘जाति तोड़ो’ का नारा दे दिया है। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा है कि हिंदू शास्त्रों में कहीं भी जातिवाद का समर्थन नहीं किया गया है। ...