हरीश गुप्ता लोकमत ग्रुप न्यूजपेपर के नेशनल एडिटर हैं। अपने दशकों लंबे पत्रकारीय करियर में उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस, हिंदुस्तान टाइम्स, इंडिया टुडे, द ट्रिब्यू, अमृत बाजार पत्रिका और डीएनए जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। वो दिल्ली में दैनिक भास्कर ग्रुप के नेशनल एडिटर भी रह चुके हैं।Read More
भाजपा के दिग्गज जुएल ओरम (ओडिशा), एस. एस. अहलुवालिया (पश्चिम बंगाल), मेनका गांधी (यूपी), राधा मोहन सिंह (बिहार) 17वीं लोकसभा के अध्यक्ष पद के लिए दावेदार हैं. हालांकि, आठ बार चुनाव जीत चुकीं मेनका गांधी लोकसभा में सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं, वहीं, एस. एस. ...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ अस्पष्ट कारणों से सुषमा स्वराज को अपनी टॉप-4 टीम में शामिल न करने का फैसलाकर जयशंकर को लाए. जयशंकर का सुषमा के साथ बहुत अधिक सौहार्दपूर्ण संबंध नहीं था. इस प्रकार मोदी ने डोभाल को कैबिनेट रैंक देकर राष्ट्रीय सुरक्षा क्षे ...
पार्टी के अनुभवी नेता राजनाथ सिंह पांच साल मोदी के नंबर-2 के रूप में नॉर्थ ब्लॉक में तैनात रहे, लेकिन वह दिल्ली को कानून और व्यवस्था में रोल मॉडल बनाने और सुरक्षा तंत्र के विभिन्न विंगों के बीच सामंजस्य स्थापित करने में विफल रहे. ...
कैबिनेट में इस बार मेनका गांधी को जगह नहीं मिली जबकि यह माना जा रहा था कि जिस तरह से कांग्रेस और उसके मुखिया गांधी परिवार के खिलाफ भाजपा आक्रामक है, उन्हें फिर से सरकार में लिया जा सकता है। ...
चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहित के चलते सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप हो गया था. बड़े फेरबदल के रूप में सर्वप्रथम मुख्य सचिव नृपेंद्र मिश्रा की जगह किसी और को लाया जा सकता है. ...
अमित शाह के सरकार में शामिल होने की स्थिति में निवर्तमान स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा नए पार्टी अध्यक्ष होंगे. मोदी के नारे सबका साथ, सबका विकास, सबका साथ और सबका विश्वास में साथ देने वाले चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है. ...
संकेत हैं कि संसदीय बोर्ड के प्रभारी महासचिव और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को राज्यसभा का नेता या पार्टी अध्यक्ष बनने की स्थिति में कोर कमेटी में शामिल किया जा सकता है। नड्डा पार्टी आलाकमान के भरोसेमंद रहे हैं और लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान ...
असम में भी स्थिति विपरीत है। मनमोहन सिंह 1991 से असम से राज्यसभा के सदस्य हैं, लेकिन इस बार कांग्रेस के पास उनको छह साल के कार्यकाल के लिए फिर से जिताने के लिए संख्या बल नहीं है। ...