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भारत-चीन तनावः CHINA पर बरसे अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो, कहा- भारत के उत्तर की ओर तक पहुंची चीनी सेना

By अजीत कुमार सिंह | Updated: June 2, 2020 18:06 IST

विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने अमेरिकन एंटरप्राइज़ इस्टीट्यूट के मार्क थिसेन और डेनियल लेट्का के पॉडकास्ट 'What The Hell Is Goin on? में बातचीत के दौरान कहा कि हम आज भी देखते हैं कि चीन भारत के उत्तरी सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपनी फोर्सेज़ बढ़ा रहा है. 

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ठळक मुद्देचीन ने पहले वुहान से निकले कोरोना वायरस से निपटने में अपनी भूमिका छिपाता रहा और उसमें देरी करता रहा.पॉम्पियो ने कहा "ये तो बस दो ऐसे कदम हैं जो चीन की कम्युनिस्ट पार्टी सरकार का चेहरा दिखाते हैं.

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने कहा कि भारत के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन अपनी सेना का जमावड़ा कर रहा है. पॉम्पियों ने कहा कि अथॉरिटेरियन रिजीम या सत्तावादी शासन ऐसी ही हरकतें करती हैं. विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने अमेरिकन एंटरप्राइज़ इस्टीट्यूट के मार्क थिसेन और डेनियल लेट्का के पॉडकास्ट 'What The Hell Is Goin on? में बातचीत के दौरान कहा कि हम आज भी देखते हैं कि चीन भारत के उत्तरी सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपनी फोर्सेज़ बढ़ा रहा है. 

माइक पॉम्पियों ने कहा "चीन ने पहले वुहान से निकले कोरोना वायरस से निपटने में अपनी भूमिका छिपाता रहा और उसमें देरी करता रहा. चीन हांगकांग में चीन जनता की आज़ादी पर हमला कर रहा है." पॉम्पियो ने कहा "ये तो बस दो ऐसे कदम हैं जो चीन की कम्युनिस्ट पार्टी सरकार का चेहरा दिखाते हैं. चीन इंटेलेक्चुअल प्रापर्टी की चोरी कर रहा है ताकि दक्षिण चीन सागर में अपनी मौजूदगी बढ़ा सके. ऐसे कदम अथारिटेरियन सरकारें उठाती हैं. इसका असर केवल सिर्फ चीन के लोगो, हांग कांग पर ही नहीं पड़ेगा बल्कि इस असली असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा." पाम्पियों ने कहा कि अमेरिका की जिम्मेदारी है और उसके पास क्षमता है कि इस तरह की कोशिशों को रोके और चिन की ओर उठ रहे खतरे से अमेरिकी लोगों की रक्षा करे. 

एक सवाल के जवाब में माइक पॉम्पियो ने कहा "चीन के हालिया कदम, चाहे वो भारत की सीमा पर, हांग कांग हो या दक्षिण चीन सागर में हो वो लंबे समय से करता रहा है. ये कोई पिछले 6 महीने का बात नही हैं. हमने पिछले कई सालों में देखा है कि चीन अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है और लगातार उग्र कदम उठा रहा 

पॉम्पियो ने कहा कि हम ऐसे कई कदम देख रहे हैं जिसमें चीन दुनिया भर में अपने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत बंदरगाह बना रहा है. ताकि चीन इन जगहों पर अपने सेना-नौ सेना भेज सके. हम लगातार चीन को अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाते हुए देख रहे हैं." पिछले 20 सालों में अमेरिका ने इस पर सही तरीके से प्रतिक्रिया नहीं दी है.

अमेरिकी विदेश मामलों पर संसदीय समिति के प्रमुख इलियट एंगेल ने कहा "धौंस जमाने वाला"अमेरिकी विदेश मंत्री पॉम्पियो के अलावा विदेश मामलों पर संसदीय समिति के प्रमुख इलियट एंगेल ने भी चीन को “धौंस दिखाने वाला” करार देते हुए भारत के लिए खिलाफ उसकी “आक्रमकता” पर चिंता जताई है. एंगेल ने चान से “नियमों का सम्मान” करने और भारत के साथ सीमा विवाद को सुलझाने के लिए कूटनीति एवं मौजूदा प्रणालियों का प्रयोग करने की अपील की है. एंगेल ने कहा, “मैं भारत-चीन सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास चीन की ओर से लगातार दिखाई जा रही आक्रमकता से अत्यंत चिंतित हूं.” उन्होंने कहा, “चीन एक बार फिर दिखा रहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक संघर्षों को सुलझाने के बजाय अपने पड़ोसियों पर धौंस दिखाने का इच्छुक है.” 

इलिएट एंगेल की यह टिप्पणी वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर भारत और चीन की सेना के बीच जारी विवाद की पुष्ठभूमि में आई है. उन्होंने कहा, “देशों को समान ढंग से नियमों का पालन करना चाहिए ताकि हम ऐसी दुनिया में न रहें जहां ‘ताकत के बल पर आप खुद को सही साबित करें ’मैं चीन से आग्रह करता हूं कि वह नियमों का सम्मान करे और भारत के साथ सीमा समस्याओं को हल करने के लिए कूटनीति एवं मौजूदा प्रणालियों का प्रयोग करें.” इस बयान से एक दिन पहले चीन ने कहा था कि भारत के साथ लगने वाली सीमा पर स्थिति “स्थिर एवं नियंत्रण करने लायक” है और दोनों देश के पास संवाद एवं विचार-विमर्श के जरिए मुद्दों को सुलझाने के लिए “बेरोक-टोक” संपर्क की व्यवस्था है. भारत चीन सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद दोनों ओर के कैन्य कमांडर सीमा विवाद को बातचीत के जरिए हल करने के लिए बातचीत कर रहे हैं.  इनपुट भाषा 

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