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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, "हमने युद्ध से पहले ही यूक्रेन को रूसी हमले के बारे में आगाह किया था लेकिन जेलेंस्की ने हमारी बात नहीं सुनी"

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: June 11, 2022 17:24 IST

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को वॉशिंगटन में डेमोक्रेटिक फंडरेजर कार्यक्रम में कहा कि युद्धग्रस्त देश के राष्ट्रपति रूस के हमले से पहले यह सुनना भी नहीं चाहते थे कि मॉस्को आक्रमण करने की तैयारी में है।

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ठळक मुद्देयूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं था कि रूस हमला कर सकता हैअमेरिकी राष्ट्रपति ने वाशिंगटन में एक कार्यक्रम में कहा कि हमारे पास रूसी हमले के पुख्ता सबूत थेहमने डेटा के आधार पर युद्ध से पहले ही जेलेंस्की को पुतिन के बारे में आगाह किया था

वॉशिंगटन:रूस-यूक्रेन युद्ध की विभिषिका के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं था कि रूस उस पर हमला कर सकता है।

राष्ट्रपति बाइडेन ने शुक्रवार को वॉशिंगटन में डेमोक्रेटिक फंडरेजर कार्यक्रम में कहा, "युद्धग्रस्त देश के राष्ट्रपति रूस के हमले से पहले यह सुनना भी नहीं चाहते थे कि मॉस्को आक्रमण करने की तैयारी में है।"

समाचार एजेंसी 'एसोसिएट प्रेस' के मुताबिक बाइडेन ने कहा, "द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से ऐसा कभी नहीं हुआ है। मैं इस बात को जानता हूं कि बहुत से लोगों ने सोचा होगा कि मैं कुछ ज्यादा ही बोल रहा हूं। लेकिन हमारे पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं और हमने डेटा के आधार पर कहा था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन सीमा में प्रवेश करने वाले हैं, लेकिन जेलेंस्की इस विषय में कुछ भी सुनना नहीं चाहते थे।"

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति के दावे के इतर यूक्रेन की ताजा जानकारी देते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की के एडवाइजर मिखाइलो पोडोलियाक ने कहा है कि रूसी सेना के हमले में हर दिन यूक्रेन के लगभग 100 से 200 सैनिक मारे गए हैं और अगर पश्चिमी देश चाहते हैं कि यूक्रेन इस युद्ध में रूस के खिलाफ जमकर संघर्ष करे तो वो हमें अत्याधुनिक हथियारों से मदद करे ताकि यूक्रेनी सैनिक रूसी हमले के खिलाफ बेहतर जवाबी कार्रवाई कर पाये।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर पश्चिमी देश यूक्रेन की हथियारों से मदद करते हैं तो इससे हमारे सैनिकों की हताहत संख्या में कमी आयेगी और इससे रूस को बातचीत की मेज पर लाने के लिए मजबूर किया जा सकता है।

पोडोलियाक ने कहा कि दोनों सेनाओं के बीच साजो-सामान को लेकर भारी अंतर के कारण युद्ध में हर दिन यूक्रेन के 100 से 200 सैनिक मारे गए हैं। हाल में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा था कि रोजाना 100 सैनिकों की मौत हुई है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति के सलाहकार पोडोलियाक ने कहा कि रूसी अत्याधुनिक हथियारों के कारण हमारे हताहत सैनिकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जो बेहद चिंता का विषय है।

मालूम हो कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। बीते दिनों विश्व बैंक ने भी दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध को लेकर चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि अगर यह युद्ध जल्द नहीं रूका तो कई देशों की अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो सकती है और इसका प्रतिकूल प्रभाव पूरे वैश्विक अर्थजगत पर पड़ेगा।

इसके अलावा यूएन ने एक चेतावनी में कहा था कि अगर ये युद्ध जल्द नहीं रूका तो इसके कारण लगभग 10 लाख लोग विस्थापन का शिकार होंगे, जो कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद सबसे बड़ी संख्या है।

टॅग्स :जो बाइडनरूस-यूक्रेन विवादअमेरिकारूसव्लादिमीर पुतिनवोलोदिमीर जेलेंस्की
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