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अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस हफ्ते आ रहा है भारत, अहम बैठकों के साथ समुद्री सुरक्षा पर होगी वार्ता

By भाषा | Updated: September 4, 2022 15:31 IST

अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के सहायक विदेश मंत्री एक विशिष्ठ प्रतिनिधिमंडल के साथ आगामी पांच से आठ सितंबर तक भारत का दौरा करेंगे।

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ठळक मुद्देअमेरिकी प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र को समर्थन देने के लिए सोेमवार से भारत के दौरे पर होगादौरे की अगुवाई अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के सहायक विदेश मंत्री करेंगे इस दौरे का उद्देश्य अमेरिका-भारत व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करना है

वाशिंगटन:अमेरिका का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने और स्वतंत्र, खुले, लचीले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र को समर्थन देने के लिए, आपसी सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए सोमवार से भारत का दौरा करेगा। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।

दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के सहायक विदेश मंत्री के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पांच से आठ सितंबर तक भारत का दौरा करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डोनाल्ड लू करेंगे। मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि इसका उद्देश्य अमेरिका-भारत व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करना है।

मंत्रालय ने कहा कि लू पूर्वी एशियाई और प्रशांत मामलों के ब्यूरो के लिए उप सहायक विदेश मंत्री कैमिली डावसन के साथ क्वाड के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में शामिल होंगे और अमेरिका-भारत टू प्लस टू अंतरसत्रीय बैठक के लिए हिंद-प्रशांत सुरक्षा मामलों के रक्षा सहायक मंत्री एली रैटनर के साथ समुद्री सुरक्षा वार्ता में शामिल होंगे।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों के साथ उन तरीकों पर चर्चा करेगा कि कैसे अमेरिका और भारत एक स्वतंत्र एवं खुले, जुड़े, समृद्ध, लचीले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन करने के लिए अपने सहयोग का विस्तार कर सकते हैं तथा जहां मानवाधिकारों का सम्मान हो।’’ भारत, अमेरिका और कई अन्य विश्व शक्तियां संसाधन संपन्न क्षेत्र में चीन के बढ़ते सैन्य युद्धाभ्यास की पृष्ठभूमि में एक स्वतंत्र, खुले और समृद्ध हिंद-प्रशांत को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देने की बात कर रही हैं।

चीन पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है, वहीं ताइवान, फिलीपीन, ब्रुनेई, मलेशिया और वियतनाम भी इसके कुछ हिस्सों पर दावा करते हैं। बीजिंग ने दक्षिण चीन सागर में कृत्रिम द्वीप और सैन्य प्रतिष्ठान बनाए हैं। लू महिला उद्यमियों के साथ अमेरिका-भारत महिला आर्थिक सशक्तीकरण गठबंधन के तहत एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इस आयोजन का उद्देश्य कार्यबल में महिलाओं की सार्थक भागीदारी के माध्यम से आर्थिक सुरक्षा बढ़ाना है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह वरिष्ठ व्यावसायिक अधिकारियों के साथ एक गोलमेज चर्चा में भी शामिल होंगे। पिछले महीने अमेरिकी वित्त मंत्रालय के उप मंत्री वैली अडेमो ने भारत का दौरा किया था और भारतीय नीति निर्माताओं के साथ यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बीच खाद्य असुरक्षा और उच्च ऊर्जा कीमतों जैसी वैश्विक चुनौतियों से संयुक्त रूप से निपटने के तरीकों पर चर्चा की थी।

अडेमो ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा, वित्त सचिव अजय सेठ, विदेश सचिव विजय क्वात्रा और पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन से भी मुलाकात की थी। अमेरिकी वित्त मंत्रालय द्वारा 26 अगस्त को एक विज्ञप्ति में कहा गया कि अडेमो ने क्वाड और हिंद-प्रशांत आर्थिक ढांचे जैसे मंचों के माध्यम से पहले से ही मजबूत अमेरिका-भारत संबंधों को और गहरा करने के महत्व को भी रेखांकित किया।

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