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अमेरिका-चीन में तनाव गहराया, ताइवान को अरबों डालर का हथियार, चीनी प्रवक्ता ने कहा-बोइंग और लॉकहीड मार्टिन समेत कंपनियों पर लगाएंगे बैन

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 26, 2020 17:40 IST

चीन बोइंग और लॉकहीड मार्टिन समेत अमेरिकी कंपनियों पर विरोधी ताइवान को हथियारों की आपूर्ति करने को लेकर प्रतिबंध लगाएगा।

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ठळक मुद्देचीनी प्रवक्ता ने कहा कि हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। इस कदम से वाशिंगटन और बीजिंग में तनाव और बढ़ गया है।विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी। प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि रेथियॉन भी प्रभावित होगी। चीन और ताइवान 1949 के गृहयुद्ध में विभाजित हो गए थे और उनमें कोई कूटनीतिक रिश्ता नहीं है।

बीजिंगः अमेरिका-चीन में तनाव गहरा गया है। ताइवान को लेकर दोनों देश फिर से टकरा गए है। चीनी प्रवक्ता ने कहा कि हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। इस कदम से वाशिंगटन और बीजिंग में तनाव और बढ़ गया है। चीन बोइंग और लॉकहीड मार्टिन समेत अमेरिकी कंपनियों पर विरोधी ताइवान को हथियारों की आपूर्ति करने को लेकर प्रतिबंध लगाएगा।

विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी। प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि रेथियॉन भी प्रभावित होगी। उन्होंने यह विवरण नहीं दिया कि क्या पाबंदियां लगाई जा सकती हैं और कब। चीन और ताइवान 1949 के गृहयुद्ध में विभाजित हो गए थे और उनमें कोई कूटनीतिक रिश्ता नहीं है।

चीन दावा करता है कि लोकतांत्रिक नेतृत्व वाला द्वीप उसके मुख्य भू-भाग का हिस्सा है और उस पर आक्रमण की धमकी देता है। झाओ ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये चीन ने अमेरिका की उन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है, जो ताइवान को हथियारों की आपूर्ति में संलिप्त थीं।”

अमेरिका अगर ताइवान को हथियार बेचने की प्रक्रिया शुरू करता है तो जवाबी कार्रवाई शुरू करेंगे: चीन

चीन ने कहा है कि अगर अमेरिका ताइवान को एक अरब डॉलर से अधिक की उन्नत हथियार की बिक्री करने की प्रक्रिया शुरू करता है, तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। चीन के रक्षा मंत्रालय के बयान में कार्रवाई को लेकर स्पष्ट बात नहीं कही गई, लेकिन इस घटनाक्रम से चीन और अमेरिका के बीच संबंधों में और गिरावट का संकेत है, जो पिछले कई दशकों में सबसे खराब दौर में है।

चीन और अमेरिका और उनके सशस्त्र बलों के बीच संबंध और खराब होने या इससे जुड़े गंभीर नतीजों से बचने तथा ताइवान स्ट्रेट में शांति और स्थिरता के लिए अमेरिका और ताइवान के सैन्य अधिकारियों के बीच बिक्री की प्रक्रिया और इससे संबंधित सभी बातचीत को रद्द करने की मांग की गई।

बयान में कहा गया है कि अगर ऐसा नहीं हो पाया, तो चीनी पक्ष पूरी तरह से जवाबी कार्रवाई के लिए मजबूर हो जाएगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को घोषणा की कि उसने ताइवान को उसकी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए 135 लक्षित जमीनी युद्धक मिसाइलों, संबंधित उपकरणों और प्रशिक्षण संबंधी चीजों की बिक्री को हरी झंडी दे दी है। विभाग ने एक बयान में कहा था है कि यह सौदा एक अरब डॉलर से अधिक का है। मिसाइलें बोइंग ने बनाई हैं।

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