लाइव न्यूज़ :

भाषा के उच्चारण को लेकर भी हो सकता है भेदभाव, नए अध्ययन ने कराया सच्चाई से रूबरू

By भाषा | Updated: December 5, 2021 17:11 IST

Open in App

(शिरी लेव-एरी, रॉयल हॉलॉवे यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन)

लंदन, पांच दिसंबर (द कन्वरसेशन) दुनियाभर में अलग-अलग भाषाओं को अलग-अलग उच्चारण के साथ बोला जाता है। अमेरिका में यदि अंग्रेजी बोलने का लोगों का अंदाज अलग है तो ब्रिटेन में अलग। ऐसा ही फ्रांसीसी, इतालवी तथा अन्य भाषाओं के साथ भी होता है। लेकिन इन सबके बीच उच्चारण के आधार पर भेदभाव भी एक कड़वी सच्चाई है, जो समय-समय पर किये गए शोध में सामने आती रही है।

ऊपर से देखा जाए तो अक्सर हमें अलग-अलग उच्चारण सुनने में आनंद आता है। हम जिस तरह से बात करते हैं वह उस वातावरण में भाषा की ध्वनि को दर्शाता है जिसके बीच हम बड़े हुए हैं। इसका कोई सामाजिक महत्व नहीं होना चाहिए। लेकिन वास्तव में, लोग उच्चारण को महत्व देते हैं और कई बार इस मामले में वक्ताओं के साथ भेदभाव भी देखने को मिलता है।

अमेरिका और ब्रिटेन में अंग्रेजी बोलने वालों पर किये गए शोध से पता चलता है कि किसी विदेशी व्यक्ति के उच्चारण को अक्सर नकारात्मक माना जाता है। हालांकि फ्रांसीसी सहित कुछ भाषाओं में इस तरह के अनुभव कम देखने को मिले हैं।

उदाहरण के लिए जिन लोगों की उच्चारण पर पकड़ होती है, वे ऐसे लोगों को कम ज्ञानी और आत्मविश्वासी मानते हैं और कुछ शोध से संकेत मिलता है कि विदेशी उच्चारण वाले लोगों को नौकरी पर रखे जाने या पदोन्नति दिये जाने की संभावना भी कम होती है।

हमारे हाल के अध्ययन में हमने बताया है कि लोग विदेशी वक्ताओं के साथ भेदभाव कर सकते हैं, भले ही वे पूर्वाग्रही न हों। ऐसा इसलिए है क्योंकि विदेशी उच्चारण वाले भाषण को पेश करना कठिन हो सकता है। विदेशी लोग इसे मूल मानदंडों के बजाय अलग तरह से उच्चारित करते हैं, जिससे उच्चारण में पारंगत लोगों को तालमेल बिठाना मुश्किल हो जाता है।

हमारे अध्ययन से पता चलता है कि अधिक विविध वातावरण बनाकर हम संभावित रूप से उच्चारण के आधार पर किसी भी अचेतन भेदभाव का मुकाबला करने में मदद कर सकते हैं। एक ऐसा वातावरण बनाया जाना चाहिये जहां देशी और विदेशी वक्ता नियमित रूप से बातचीत कर सकें। देशी और गैर देशी वक्ताओं के बीच संपर्क पूर्वाग्रह को कम करने में भी मदद कर सकता है। साथ ही सांस्कृतिक बदलाव की जरूरत है। विविधता को बढ़ावा देने के अलावा, हम सभी को पहले कदम के रूप में इस तथ्य से अवगत होना चाहिए कि हम में से प्रत्येक का अपना अलग उच्चारण है।

हमे इस बात को ध्यान में रखना चाहिये कि उच्चारण किसी व्यक्ति के ज्ञान को ही दर्शाते हैं, और इसका किसी भाषा में हमारी दक्षता से कोई संबंध नहीं है। वास्तव में, गैर-देशी वक्ता अपने मूल उच्चारण को बनाए रखते हुए भी किसी भाषा में अत्यधिक महारत हासिल कर सकते हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतअसम की जनता ने इस बार दो काम पक्के किए?, पीएम मोदी बोले- एनडीए की हैट्रिक और कांग्रेस के शाही परिवार के नामदार की हार की सेंचुरी का रिकॉर्ड?

क्राइम अलर्टबास्केटबॉल हुप पर पुल-अप्स कर रहे थे समुद्री इंजीनियरिंग संस्थान में 20 वर्षीय कैडेट विशाल वर्मा?, बैकबोर्ड गिरने से मौत

भारतपाकिस्तानी सोशल मीडिया की झूठी जानकारी का इस्तेमाल कर पत्नी पर आरोप, सीएम सरमा ने कहा-फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने बात?

क्राइम अलर्ट27 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी धोखाधड़ी, मेरठ और बहराइच में एक्शन, वसीम अकरम, शुभम गुप्ता और नेक आलम अरेस्ट

कारोबारपश्चिम एशिया युद्ध के बीच जमकर गाड़ी खरीद कर लोग?, 2025-26 में 13.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 2,96,71,064?, जानिए दोपहिया वाहनों की संख्या

विश्व अधिक खबरें

विश्वअफगानिस्तान में भारी बारिश, 77 लोगों की मौत, 137 लोग घायल और हजारों लोग विस्थापित, वीडियो

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला