लाइव न्यूज़ :

टीके का प्रभाव वक्त के साथ कम होता है, लेकिन यह गंभीर रूप से बीमार पड़ने और मौत से बचाता है

By भाषा | Updated: September 16, 2021 15:06 IST

Open in App

(शीना क्रूइकशैंक,प्रोफेसर बायोमेडिकल साइंस, यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर)

मैनचेस्टर (ब्रिटेन),16 सितंबर (द कन्वरसेशन) ब्रिटेन सहित कई देश वक्त के साथ कोरोना वायरस संक्रमण रोधी टीकों के कम प्रभावी होने संबंधी खबरों के बीच टीके की तीसरी खुराक देने की बात कर रहे हैं। पर क्या इन देशों को व्यापक बूस्टर अभियान चलाने की आवश्यकता है? यहां हम टीकों के प्रभावी होने के संबंध में आए अनुसंधान पर नजर डालते हैं।

संबंधित एक अध्ययन में कहा गया है कि फाइजर के टीके की दूसरी खुराक लेने के चार माह बाद यह टीका संक्रमण से बचाने में कोई खास मददगार नहीं है। इसमें सुरक्षा का प्रतिशत 96 से घटकर 84 प्रतिशत पाया गया। हालांकि यह अनुसंधान का शुरुआती चरण है और इसके निष्कर्षों की वैज्ञानिकों द्वारा ठीक से समीक्षा की जानी बाकी है।

इसी प्रकार से इजराइल से प्राप्त आंकडे़ दिखाते हैं कि 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के ऐसे लोग जिन्हें मार्च 2021 में फाइजर के टीके की दूसरी खुराक दी जा चुकी है ,वे संक्रमण की चपेट में आने से उन लोगों की तुलना में 1.6 गुना अधिक सुरक्षित हैं, जिन्हें इनसे दो माह पहले टीके की दूसरी खुराक दी गई थी। हालांकि ये आंकडे़ भी स्पष्ट नहीं हैं खासतौर पर यदि इन्हें विभिन्न आयु वर्गों के संदर्भ में देखा जाए तो।

मॉडर्ना के टीकों के आंकड़े बताते हैं कि क्रियाशील एंटीबॉडीज (वायरस को कोशिकाओं में फैलने से रोकने में सहायक) टीकाकरण के बाद अधिकतर लोगों में छह माह तक रहती हैं। लेकिन अध्ययन में पाया गया कि वायरस के बीटा स्वरूप के मामले में इनके प्रभावी होने का स्तर कम हुआ है। साथ ही इस अध्ययन में अधिक संक्रामक डेल्टा स्वरूप और टीकों का आकलन भी नहीं किया गया।

वहीं, डेल्टा स्वरूप से बचाने में टीके के प्रभावी होने के संबंध में एक अन्य अध्ययन किया गया और उसमें पाया गया कि ऑक्सफोर्ड का एस्ट्राजेनेका तथा फाइजर दोनों ही टीके संक्रमण के इस स्वरूप से बचाव में कोई खास मददगार नहीं हैं। कुछ इसी प्रकार का निष्कर्ष अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केन्द्र ने भी निकाला था।

टीका अभी भी सुरक्षा देता है

एक अच्छा टीका पूरी तरह से संक्रमण से सुरक्षित रखता है और इस प्रकार से लोगों को संक्रमित होने और आगे संक्रमण फैलाने से रोकता है। महामारी की शुरुआत में ऐसी खबरें आई थीं कि लोग दोबारा भी संक्रमित हो रहे हैं और एंटीबॉडीज की संख्या भी कम हुई है। शुरुआत में माना जा रहा था कि एंटीबॉडीज की अधिक मात्रा संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए जरूरी हैं। इस बात को लेकर संदेह रहा है कि ऐसा टीका बनाना जो संक्रमण को पूरी तरह से रोक दे, संभव नहीं है।

देखा जाए तो एंटीबॉडीज प्रभावी प्रतिरोधी प्रतिक्रिया का एक संकेतक मात्र है। हमें ‘टी’ लिम्फोसाइट्स भी चाहिए जो वायरस को मारते हैं। साथ ही ऐसी प्रतिरोधी यादाश्त भी चाहिए जो शीघ्रता के साथ इन टी कोशिकाओं और एंटीबॉडी बनाने वाली ‘बी’ कोशिकाओं का निर्माण करने में मदद करे।

बूस्टर के बारे में बात करते हैं

टीकाकरण के कई महीनों बाद भी गंभीर बीमारी से बचने की संभावना काफी अधिक होने के बावजूद, कई सरकारों ने टीका बूस्टर कार्यक्रम शुरू करने का विकल्प चुना है। ब्रिटेन और अन्य सरकारों द्वारा शुरू की जा रही तीसरी खुराक क्या सबसे कमजोर लोगों में दीर्घकालिक और उससे भी अधिक सुरक्षात्मक प्रतिरक्षा प्रदान करने के लिए पर्याप्त होगी? सच्चाई तो यह है कि हम अभी इसके बारे में कुछ नहीं जानते।

हमें यह याद रखना चाहिए कि टीकाकरण केवल एक तरीका है जिससे हम खुद को संक्रमण से बचा सकते हैं, इसके अलावा अन्य उपाय, जैसे कि मास्क पहनना आदि भी जरूरी है। बूस्टर खुराक के साथ ही ब्रिटेन की सरकार घर के कामकाज फिर से शुरू करने के साथ ही सर्दियों में लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित करने की योजना बना रही है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टबिहार के मुजफ्फरपुर में इश्क, फरेब और साजिश के घिनौना खेल में सुहाग को ही रास्ते से हटाने का फरमान, गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच थम गई पति का सांस

भारतDelhi Assembly Security Breach: कार में सवार व्यक्ति ने कॉम्प्लेक्स का गेट तोड़कर पोर्च में रखा गुलदस्ता, वीडियो

बॉलीवुड चुस्कीएक शब्द ने मचा दिया बवाल! राकेश बेदी को क्यों मांगनी पड़ी माफी?

भारतबिहार में शराबबंदी कानून को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उठाया सवाल, कहा- बिहार में 40 हजार करोड़ रुपये की एक समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है

भारतमुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने जदयू नेताओं ने लगाया निशांत कुमार जिंदाबाद, CM भी मुस्कुराए

विश्व अधिक खबरें

विश्वअफगानिस्तान में भारी बारिश, 77 लोगों की मौत, 137 लोग घायल और हजारों लोग विस्थापित, वीडियो

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला