लाइव न्यूज़ :

पाकिस्तान की ओर रणनीतिक झुकाव सही नहीं, भारत पर दांव लगाना ठीकः अमेरिकी विशेषज्ञ

By भाषा | Updated: August 19, 2019 17:53 IST

काउंसिल आन फारेन रिलेशंस के अध्यक्ष रिचर्ड एन हॉस ने पिछले सप्ताह लिखे एक लेख में कहा, ‘‘पाकिस्तान की ओर रणनीतिक साझेदार के तौर पर अमेरिका का झुकाव अविवेकपूर्ण होगा।’’ लेख को पहले प्रोजेक्ट सिंडिकेट और उसके बाद सीएफआर वेबसाइट द्वारा प्रकाशित किया गया।

Open in App
ठळक मुद्देपाकिस्तान काबुल में एक दोस्ताना सरकार को अपनी सुरक्षा और चिर प्रतिद्वंद्वी भारत के लिहाज से जरूरी मानता है।लोकतांत्रिक भारत विश्व में सबसे अधिक जनसंख्या के मामले में चीन को जल्द ही पीछे छोड़ देगा

कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और अफगान शांति वार्ता जारी रहने के बीच अमेरिका के एक शीर्ष विदेश नीति विशेषज्ञ ने पाकिस्तान की ओर किसी रणनीतिक झुकाव और भारत से दूर जाने के प्रति आगाह किया है।

काउंसिल आन फारेन रिलेशंस के अध्यक्ष रिचर्ड एन हॉस ने पिछले सप्ताह लिखे एक लेख में कहा, ‘‘पाकिस्तान की ओर रणनीतिक साझेदार के तौर पर अमेरिका का झुकाव अविवेकपूर्ण होगा।’’ लेख को पहले प्रोजेक्ट सिंडिकेट और उसके बाद सीएफआर वेबसाइट द्वारा प्रकाशित किया गया।

उन्होंने लेख में लिखा है कि पाकिस्तान काबुल में एक दोस्ताना सरकार को अपनी सुरक्षा और चिर प्रतिद्वंद्वी भारत के लिहाज से जरूरी मानता है। हॉस ने कहा, ‘‘यह विश्वास करने का कोई कारण नहीं हैं कि सेना और गुप्तचर एजेंसियां जो अभी भी पाकिस्तान को चलाती हैं वे तालिबान पर लगाम लगाएंगी या आतंकवाद का खात्मा करेंगी।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘इसके साथ ही अमेरिका का भारत को दूर करना अविवेकपूर्ण होगा। हां, भारत की संरक्षणवादी व्यापार नीति की एक परंपरा रही है और वह रणनीतिक मुद्दों पर पूर्ण सहयोग के प्रति अपनी अनिच्छा से अमेरिकी नीति-निर्माताओं को अक्सर निराश करता है।’’

यद्यपि लोकतांत्रिक भारत विश्व में सबसे अधिक जनसंख्या के मामले में चीन को जल्द ही पीछे छोड़ देगा और उसकी अर्थव्यवस्था विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी और उस पर दीर्घकालिक दांव लगाना अच्छा होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘चीन को संतुलित करने के लिए वह (भारत) एक स्वाभाविक साझेदार है। भारत ने चीन के बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव में भागीदारी से इनकार कर दिया है जबकि पाकिस्तान ने उसे स्वीकार कर लिया है जिसकी अर्थव्यवस्था संघर्ष के दौर से गुजर रही है।’’

शीर्ष अमेरिकी विशेषज्ञ के अनुसार अमेरिका का अफगानिस्तान से बाहर निकलने की होड़ भी अविवेकपूर्ण होगी। उन्होंने दावा किया कि तालिबान के साथ शांतिवार्ता अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों को निकालने का माध्यम दिखती प्रतीत होती है।

टॅग्स :अमेरिकाअफगानिस्तानइंडियापाकिस्तान
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वखुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत, इजराइल-अमेरिका ने ईरान किया हमला, 25 मरे?, जवाब में ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं

विश्वअफगानिस्तान में भारी बारिश, 77 लोगों की मौत, 137 लोग घायल और हजारों लोग विस्थापित, वीडियो

कारोबारअमेरिका-इजराइल और ईरान जंगः मरघट के चौकीदारों की नकेल कसिए!

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

विश्व अधिक खबरें

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?